तीन बड़े प्रोजेक्ट और उनका महत्व
केंद्र ने जिन तीन मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है, उनमें शामिल हैं:
1 .जबलपुर–गोंदिया लाइन का दोहरीकरण
2 .पुनरख–किऊल लाइन की तीसरी और चौथी ट्रैकिंग
3 .गम्हरिया–चांडेल लाइन की तीसरी और चौथी ट्रैकिंग
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, इन तीनों परियोजनाओं पर कुल 9,072 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
नेटवर्क और कनेक्टिविटी में सुधार
ये परियोजनाएं महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, बिहार और झारखंड के आठ जिलों को कवर करेंगी। इसके पूरा होने के बाद रेलवे नेटवर्क में लगभग 307 किलोमीटर की वृद्धि होगी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इन प्रोजेक्ट्स से लगभग 5,407 गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिनकी आबादी लगभग 98 लाख है।
परिचालन और भीड़भाड़ में राहत
मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं से रेलवे संचालन अधिक सुव्यवस्थित होगा। इसके परिणामस्वरूप भीड़भाड़ कम होगी, ट्रेनों की समयबद्धता बढ़ेगी और यात्री और माल ढुलाई दोनों की सुविधा में सुधार होगा।

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