इस ड्रोन का प्रभाव पहले ही ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देखा गया था, जब इस तरह के उच्च तकनीकी ड्रोन ने पाकिस्तान के खिलाफ संचालन में अहम भूमिका निभाई। अब इस कदम से भारत की हवाई निगरानी और रणनीतिक क्षमता में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी। साथ ही, यह पड़ोसी देशों विशेषकर चीन और पाकिस्तान के लिए भी सुरक्षा चुनौती का संकेत है।
ड्रोन में मिलेगा एयरबोर्न अर्ली वार्निंग सिस्टम
MQ9B ड्रोन में एयरबोर्न अर्ली वार्निंग (AEW) सिस्टम को एकीकृत करने का प्रयास इसे पारंपरिक बड़े AWACS विमान से अलग और अधिक प्रभावी बनाता है। इससे दुश्मन के हवाई क्षेत्र की निगरानी लगातार और विस्तृत तरीके से की जा सकेगी। GA के मुख्य कार्यकारी विवेक लाल के अनुसार, यह प्रणाली भारत को AWACS विमान आधारित निगरानी में सुधार का विकल्प प्रदान करती है।
भारत बनेगा ड्रोन तकनीक का रणनीतिक केंद्र
जनरल एटॉमिक्स भारत को दीर्घकालिक रणनीतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है। इसके तहत भारत में कंपोनेंट्स, असेंबलिंग, पेलोड एकीकरण, सॉफ्टवेयर, प्रशिक्षण और रखरखाव का पूरा माहौल तैयार किया जाएगा। इससे भारत न केवल इन ड्रोन को संचालित कर सकेगा, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा रणनीतियों में भी एक मजबूत भूमिका निभाएगा।

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