पुलिसकर्मियों के बच्चों की शिक्षा अब निश्चिंत
सरकार ने फैसला किया है कि राज्य की हर पुलिस लाइन में हाई स्कूल खोले जाएंगे। इसका उद्देश्य पुलिसकर्मियों के बच्चों को पास-पड़ोस में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें स्कूल जाने के लिए दूर नहीं जाना पड़े। इसके साथ ही पुलिस लाइनों में ‘जीविका दीदी की रसोई’ भी शुरू होगी, जिससे कर्मचारियों को पौष्टिक भोजन मिलेगा और स्थानीय महिलाओं को रोजगार का अवसर भी मिलेगा।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘पुलिस दीदी’
महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस पर भरोसा बढ़ाने के लिए ‘पुलिस दीदी’ विंग की शुरुआत की जा रही है। यह टीम विशेष रूप से महिलाओं से जुड़े संवेदनशील मामलों में मदद करेगी और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाएगी।
अपराध अनुसंधान में तकनीकी सहयोग
साइबर अपराध के बढ़ते खतरे को देखते हुए, पुलिस विभाग अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करेगा। अधिकारियों को अन्य राज्यों में प्रशिक्षण लेने और नई तकनीक सीखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अपराध की रोकथाम और जांच में तेजी आए।
सीमावर्ती और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों पर ध्यान
हालांकि बिहार नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है, लेकिन सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए ‘वायब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ लागू किया जाएगा। नेपाल बॉर्डर के पास यह अभियान एसएसबी के सहयोग से चलाया जाएगा, ताकि स्थानीय लोगों और सुरक्षा बल के बीच तालमेल बढ़े।
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