योगी सरकार का मास्टरस्ट्रोक, युवाओं की होगी बल्ले-बल्ले

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में युवाओं के लिए बड़ी हलचल की तैयारी है। राज्य की उत्तर प्रदेश सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि खाली पदों को अब लंबित नहीं रहने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि विधानसभा चुनाव 2027 से पहले अधिकतम रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी कर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र थमा दिए जाएं।

सरकार ने सभी भर्ती आयोगों और बोर्डों को रोस्टर के अनुसार पदों को भरने के निर्देश देने की तैयारी कर ली है। स्पष्ट किया गया है कि कोर्ट में लंबित मामलों को छोड़कर अन्य किसी कारण से भर्ती में देरी हुई तो संबंधित आयोग को उसका कारण शासन को बताना होगा।

ई-अधियाचन पोर्टल से होगी मॉनिटरिंग

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति लाने के लिए “ई-अधियाचन” नाम से पोर्टल तैयार किया गया है। विभागों द्वारा भेजे जाने वाले भर्ती प्रस्ताव अब डिजिटल माध्यम से दर्ज होंगे, जिससे यह स्पष्ट रहेगा कि किस पद पर कितनी रिक्तियां हैं और प्रक्रिया किस चरण में है।

आयोगों को हर वर्ष जनवरी में यह वार्षिक कैलेंडर जारी करना होता है कि किस पद की भर्ती कब तक पूरी की जाएगी। बावजूद इसके कई भर्तियां समय सीमा से आगे खिंचती रही हैं। हाल ही में शासन स्तर पर हुई बैठक में तय हुआ है कि अब निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। कार्मिक विभाग जल्द ही इस संबंध में औपचारिक दिशा-निर्देश जारी करेगा।

किन आयोगों पर रहेगी नजर

राज्य में भर्ती की जिम्मेदारी प्रमुख रूप से उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश विद्युत सेवा आयोग और सहकारी संस्थागत सेवा मंडल जैसे संस्थानों पर है। इन आयोगों को विभागों से समय-समय पर अधियाचन प्राप्त होते हैं। सरकार चाहती है कि इन सभी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय हो और रिक्त पदों की संख्या न्यूनतम स्तर पर लाई जाए।

चुनाव से पहले युवाओं को सौगात?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार की रणनीति यह है कि विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने से तीन-चार माह पहले तक अधिकतर भर्तियां पूरी हो जाएं। इससे न केवल प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी बल्कि लंबे समय से नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे लाखों युवाओं को भी राहत मिलेगी।

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