प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा
मत्स्य पालन में मौसम और अन्य प्राकृतिक परिस्थितियों का बड़ा प्रभाव पड़ता है। अत्यधिक वर्षा, भीषण गर्मी, कड़ाके की ठंड, सूखा या बाढ़ जैसी घटनाओं में मछलियों का उत्पादन प्रभावित होता है। इस योजना के तहत अब मछलियों के अचानक मरने या तालाब के क्षतिग्रस्त होने पर पालकों को आर्थिक हानि की भरपाई का अवसर मिलेगा।
अब नुकसान का समाधान
योजना में ऐसी व्यवस्था भी की गई है, जिससे अगर किसी तालाब में विष डालकर मछलियों को मारा जाता है, तो भी नुकसान की भरपाई संभव होगी। पालक को इसके लिए घटना के 24 घंटे के भीतर प्राथमिकी दर्ज कर विभाग को सूचना देनी होगी, ताकि समय रहते जांच और कार्रवाई की जा सके।
आर्थिक राहत और प्रोत्साहन
मत्स्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस बीमा योजना में प्रीमियम राशि पर 40 से 50 प्रतिशत तक प्रोत्साहन राशि लौटाई जाएगी। इससे न केवल लागत कम होगी, बल्कि किसानों और मत्स्य पालकों को अपनी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने का मौका मिलेगा।
नुकसान की पूर्ति
योजना के तहत, यदि तालाब में 80 प्रतिशत तक नुकसान होता है, तो उसे पूर्ण हानि मानते हुए भुगतान किया जाएगा। इसका लाभ केवल मत्स्य पालक ही नहीं, बल्कि मत्स्यजीवी सहकारी समितियों और इस व्यवसाय से जुड़े अन्य लोगों को भी मिलेगा।
कैसे लें लाभ
बीमा का लाभ उठाने के लिए पालकों को संबंधित विभाग में आवेदन करना होगा और नुकसान की स्थिति में आवश्यक दस्तावेज जमा कराना होगा। विभाग समय-समय पर जांच करके क्षति का मूल्यांकन करेगा और तय राशि का भुगतान सुनिश्चित करेगा।

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