सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
सरकार ने देश भर में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की योजना बनाई है। इन पर अनुमानित निवेश 16 लाख करोड़ रुपये है। नई ट्रेनें 250–350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी, जिससे बड़े शहरों के बीच यात्रा का समय काफी घट जाएगा और यात्रियों के लिए सुविधाजनक विकल्प मिलेगा।
क्यों दिल्ली-बनारस रूट सबसे पहले
दिल्ली-बनारस कॉरिडोर को प्राथमिकता दी गई है। इसका कारण राजनीतिक और प्रशासनिक है। वाराणसी प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है, इसलिए इसे जल्द पूरा करने पर जोर है। इसके लिए नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने क्षेत्रीय कार्यालय भी स्थापित करना शुरू कर दिया है।
इस बुलेट ट्रेन के लिए मार्ग और स्टेशन
नई ट्रेन दिल्ली के सराय काले खां स्टेशन से शुरू होकर नोएडा, जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, लखनऊ, प्रयागराज होते हुए वाराणसी पहुंचेगी। इस रूट पर लगभग 13–14 स्टेशन बनाए जाएंगे। लेजर तकनीक (LiDAR) के जरिए सर्वे चल रहा है ताकि सही मार्ग और निर्माण लागत का आकलन किया जा सके।
इस संदर्भ में रेलवे बोर्ड की तैयारियाँ
रेलवे बोर्ड ने सभी कॉरिडोर के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। भूमि अधिग्रहण, डिजाइन और टेंडर जैसी तैयारियों को जल्द पूरा करने को कहा गया है। सात में से छह कॉरिडोर की DPR तैयार हो चुकी है, जबकि वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर के सर्वे पर तेजी से काम चल रहा है। अब प्रोजेक्ट की प्रगति रिपोर्ट हर हफ्ते बोर्ड को सौंपनी होगी।

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