तीन मौसम प्रणालियों का असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बदलाव की वजह एक साथ सक्रिय तीन अलग-अलग मौसम प्रणालियां हैं। खासतौर पर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में यह बदलाव आ रहा है। 29 मार्च की शाम से ही इसका असर दिखना शुरू हो गया है, जो 30 मार्च को चरम पर रहेगा।
पश्चिमी यूपी में ज्यादा असर
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में बारिश का प्रभाव अधिक देखने को मिलेगा। यहां कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
पूर्वी हिस्सों में हल्का असर
प्रदेश के पूर्वी क्षेत्रों में मौसम का असर अपेक्षाकृत कम रहेगा। यहां कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है, जबकि कई इलाकों में मौसम शुष्क भी रह सकता है।
तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग ने 29 से 31 मार्च के बीच तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की है। कई जिलों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि झोंकों में यह गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही वज्रपात का भी खतरा बना रहेगा।
इन जिलों में ज्यादा सतर्कता जरूरी
लखनऊ, बाराबंकी, सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, कन्नौज, कानपुर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, झांसी समेत कई जिलों में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों के लोगों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश में कब होगा मौसम साफ
1 अप्रैल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा, जबकि कुछ पूर्वी इलाकों में हल्की बारिश जारी रह सकती है। तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों से बचने, पेड़ों के नीचे खड़े न होने और आवश्यक होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी गई है।

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