स्मार्ट मीटर हो सकते हैं प्रीपेड में बदल
Uttar Pradesh Power Corporation Limited के अनुसार हाल ही में लगाए गए स्मार्ट मीटरों को चरणबद्ध तरीके से प्रीपेड प्रणाली में बदला जा रहा है। इसका मतलब यह है कि अब उपभोक्ताओं को पहले से रिचार्ज कराना होगा, तभी बिजली का उपयोग संभव होगा।
एक महीने से बिल नहीं आया तो रहें सतर्क
यदि आपके यहां एक महीने से बिजली बिल नहीं आया है, तो यह संकेत हो सकता है कि आपका मीटर प्रीपेड में बदल चुका है। ऐसे में तुरंत अपने खाते की जांच करना जरूरी है, ताकि अचानक बिजली कटने की परेशानी से बचा जा सके।
बैलेंस खत्म होते ही कटेगी बिजली
प्रीपेड मीटर में यदि बैलेंस शून्य या उससे नीचे चला जाता है, तो बिजली आपूर्ति तुरंत बंद हो सकती है। विभाग का कहना है कि यह पूरी तरह स्वचालित प्रणाली है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की पूर्व सूचना नहीं दी जाएगी।
मोबाइल नंबर पंजीकरण जरूरी
कई उपभोक्ताओं को समय पर संदेश नहीं मिल पा रहे हैं, क्योंकि उनका मोबाइल नंबर पंजीकृत नहीं है। विभाग ने अपील की है कि उपभोक्ता अपने नजदीकी कार्यालय में जाकर मोबाइल नंबर दर्ज करवाएं, ताकि रिचार्ज और बैलेंस से जुड़ी जानकारी समय पर मिलती रहे।
संदेशों को नजरअंदाज करना भारी
कुछ उपभोक्ता बैलेंस या बिल से जुड़े संदेशों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर परेशानी का कारण बन सकता है। अधिकारियों ने सलाह दी है कि हर संदेश को गंभीरता से लें और समय रहते रिचार्ज कराएं।
सहायता के लिए उपलब्ध हैं सुविधाएं
यदि किसी उपभोक्ता को रिचार्ज या मीटर से जुड़ी कोई समस्या होती है, तो वह बिजली विभाग के कार्यालय, सहायता केंद्र या हेल्पलाइन नंबर 1912 पर संपर्क कर सकता है। तकनीकी टीम भी उपभोक्ताओं की मदद के लिए उपलब्ध कराई गई है।

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