राज्य के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने जानकारी दी कि चना, मसूर और सरसों की सरकारी खरीद 7 अप्रैल से शुरू होकर 30 जून तक चलेगी। इस दौरान खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
MSP पर मिलेगा तय दाम
सरकार ने प्रमुख दलहन और तिलहन फसलों के लिए समर्थन मूल्य तय कर दिए हैं, ताकि किसानों को बाजार की अनिश्चितता से बचाया जा सके।
चना: ₹5875 प्रति क्विंटल
मसूर: ₹7000 प्रति क्विंटल
सरसों: ₹6200 प्रति क्विंटल
अरहर: ₹8000 प्रति क्विंटल
इन दरों में पिछले साल की तुलना में बढ़ोतरी की गई है, जिससे किसानों की कमाई में सीधा इजाफा होगा।
खरीद के लिए तय किए गए लक्ष्य
सरकार ने इस बार फसलों की खरीद के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए हैं। चने, मसूर और सरसों की लाखों मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा गया है, ताकि अधिक से अधिक किसानों को योजना का लाभ मिल सके।
डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता
खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया जा रहा है। सभी क्रय केंद्रों पर आधार आधारित मशीनें लगाई जा रही हैं, जिससे वास्तविक किसानों की पहचान सुनिश्चित होगी। भुगतान सीधे डीबीटी के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में भेजा जाएगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और भुगतान में देरी नहीं होगी।
उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। सभी जिलों में जरूरत के अनुसार खाद की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, जिससे किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो।
बीज और योजनाओं पर जोर
किसानों को सशक्त बनाने के लिए बीज वितरण और अन्य योजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बड़ी संख्या में किसानों को अनुदान और मुफ्त बीज उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे खेती की लागत कम हो रही है। सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते अपनी फॉर्मर रजिस्ट्री पूरी कर लें। इससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
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