लगभग 11.8 किलोमीटर लंबी रेल लाइन
इस योजना के तहत करीब 11.8 किलोमीटर लंबी नई रेल पटरी बिछाई जा रही है। अभी भूमि समतलीकरण और मिट्टी भराई का कार्य जारी है। अनुमान है कि वर्ष 2027 के अंत तक यह निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।
‘कर्मा’ स्टेशन बनेगा मुख्य केंद्र
दिलदारनगर के पास इस नई रेल लाइन पर ‘कर्मा’ नाम का स्टेशन बनाया जा रहा है। यह आगे चलकर एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित होगा, जहां से रेलगाड़ियों का संचालन अलग-अलग दिशाओं में किया जा सकेगा।
इंजन दिशा परिवर्तन की समस्या खत्म
वर्तमान में गाजीपुर की ओर से आने वाली रेलगाड़ियों को बक्सर या पटना की दिशा में भेजने के लिए दिलदारनगर पर इंजन की दिशा बदलनी पड़ती है। नई बाईपास लाइन बनने के बाद यह समस्या समाप्त हो जाएगी, जिससे समय की बचत होगी और यात्रा अधिक सुगम बनेगी।
कई शहरों से सीधा जुड़ाव
इस नई रेल लाइन के बनने से बलिया, वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों से सीधा संपर्क और आसान हो जाएगा। इसके अलावा सासाराम और गया की दिशा में भी बेहतर रेल सुविधा उपलब्ध होगी।
यातायात को मिलेगा नया सहारा
इस परियोजना के अंतर्गत देहवल गांव के पास तीन रेल उपरिगामी पुल बनाए जाने की योजना है। इससे सड़क और रेल दोनों का आवागमन सुचारु रहेगा और जाम की समस्या में कमी आएगी।
पटना पर दबाव होगा कम
नई रेल लाइन के शुरू होने से पटना जंक्शन पर यात्रियों और रेलगाड़ियों का दबाव कम होगा। साथ ही मऊ, जौनपुर और गोरखपुर की दिशा में नई रेल सेवाओं की संभावना भी बढ़ेगी।

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