छात्रों के चेहरे पर खुशी
लखनऊ में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में वंचित और कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान छात्रों के चेहरे पर खुशी और गर्व साफ देखा जा सकता था। साथ ही, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के लाभार्थियों को भी सम्मान राशि प्रदान की गई, जिससे पूरे कार्यक्रम में एक उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
समय पर और व्यवस्थित वितरण
अब छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया अधिक समयबद्ध और पारदर्शी हो गई है। पहले यह राशि अकसर सत्र के अंत में मिलती थी, लेकिन अब वित्त वर्ष के दौरान ही इसे जारी किया जाने लगा है। अगले वर्ष से योजना है कि छात्रवृत्ति सेमेस्टर आधारित होगी, ताकि फीस जमा करते समय ही आर्थिक सहायता उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही, प्रत्येक छात्र के लिए कोर्स और सेमेस्टर के अनुरूप छात्र कार्ड जारी किए जाएंगे।
तकनीकी सुधार और समावेशिता
छात्रों को छात्रवृत्ति देने में किसी भी तकनीकी अड़चन को दूर करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। जिन छात्रों के खाते में तकनीकी कारणों से राशि नहीं पहुंच पाई, उन्हें अगले वित्तीय वर्ष में लाभ सुनिश्चित किया जाएगा। इस कदम से वितरण प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी और समावेशी हो जाएगी।
पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्ग को बड़ी मदद
पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों के लिए भी महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। जनवरी 2026 तक 20 लाख से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी गई, जबकि मार्च के अंत तक लगभग 13.5 लाख छात्रों को लाभान्वित किया गया। कुल मिलाकर 33 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को लगभग 2700 करोड़ रुपये की सहायता सीधे उनके खातों में दी गई। इस बार 100 प्रतिशत पात्र छात्रों को छात्रवृत्ति मिलने में सफलता मिली।

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