यूपी में नए एक्सप्रेसवे होंगे चालू, कई जिलों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। यूपी के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी आ रही हैं। जेवर एयरपोर्ट के बाद अब राज्य को एक और बड़ा तोहफा मिलने वाला है। गंगा एक्सप्रेसवे की तैयारियों को तेज कर दिया गया है। रविवार को यूपीडा (UPEIDA) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने मेरठ से उन्नाव तक 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का सघन निरीक्षण किया।

क्वालिटी चेक और निरीक्षण

निरीक्षण की शुरुआत मेरठ के बिजौली से हुई, जहां से सीईओ ने खरखौदा स्थित मुख्य टोल प्लाजा और अत्याधुनिक कंट्रोल रूम का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा मानकों और तकनीकी व्यवस्थाओं में कोई कमी न रहे। निरीक्षण के दौरान 421 किलोमीटर हिस्से की सड़क की गुणवत्ता जांची गई और फिनिशिंग का मूल्यांकन किया गया।

सुपरफास्ट यात्रा का लाभ

गंगा एक्सप्रेसवे शुरू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और प्रयागराज के बीच की दूरी पहले 10–12 घंटे से घटकर अब 6–7 घंटे रह जाएगी। इस सुविधा से कुंभ और संगम स्नान के लिए प्रयागराज जाने वाले श्रद्धालुओं को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। वहीं, हाईकोर्ट के कार्यों के लिए वकील और वादकारी भी कम समय में यात्रा कर सकेंगे।

आर्थिक और औद्योगिक लाभ

यह एक्सप्रेसवे सिर्फ यात्रियों के लिए नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए भी वरदान साबित होगा। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच यह आर्थिक सेतु का काम करेगा और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा।

पर्यावरण सुरक्षा का ध्यान

निर्माण के दौरान सड़क के किनारे पौधारोपण किया गया और पर्यावरण संरक्षण को भी महत्व दिया गया। अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि निर्माण के सभी चरणों में सुरक्षा मानक और पर्यावरणीय नियमों का पालन हो।

उद्घाटन की संभावना

निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने संकेत दिए कि अगले महीने गंगा एक्सप्रेसवे का भव्य उद्घाटन हो सकता है। मुख्य कैरिज-वे का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और केवल अंतिम फिनिशिंग, साइन बोर्ड और सुरक्षा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश के लाखों लोगों की यात्रा को सरल, तेज और सुरक्षित बनाएगा, साथ ही उत्तर प्रदेश के विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

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