सरकारी स्कूलों में नहीं रखे जाएंगे EVM
नए निर्देशों के अनुसार, इस बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को सरकारी स्कूलों में नहीं रखा जाएगा। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई पर किसी तरह का असर न पड़े। इसके बजाय हर जिले में अलग से वेयर हाउस बनाने की योजना बनाई गई है, जहां इन मशीनों को सुरक्षित रखा जाएगा।
हर जिले में बनेगा वेयर हाउस
पंचायती राज विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि वेयर हाउस की व्यवस्था सुनिश्चित करें। जरूरत पड़ने पर भवन किराए पर भी लिया जा सकता है, लेकिन इसकी अवधि कम से कम 15 साल तय की गई है। साथ ही, स्थान का चयन इस तरह किया जाएगा कि वहां वाहनों की आवाजाही में कोई दिक्कत न हो।
सुरक्षा के होंगे खास इंतजाम
इन वेयर हाउस में सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में EVM रखी जाएंगी और हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। जिला स्तर पर पंचायती राज पदाधिकारी को इस पूरी व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि किसी तरह की लापरवाही न हो।
मतदाता सूची का काम जल्द शुरू
जानकारी के अनुसार, जून 2026 से मतदाता सूची तैयार करने का कार्य शुरू हो सकता है। इसके साथ ही चुनाव की पूरी प्रक्रिया धीरे-धीरे गति पकड़ेगी।
इस बार का सबसे बड़ा बदलाव
आगामी पंचायत चुनाव में सबसे अहम बदलाव मतदान प्रणाली में देखने को मिलेगा। पहली बार मल्टी-पोस्ट EVM का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके जरिए मतदाता एक ही बार में कई पदों के लिए वोट डाल सकेंगे, जिससे प्रक्रिया तेज और आसान होगी।
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