1. पेट्रोल पंपों से केरोसिन की उपलब्धता
सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों – इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) – के चुनिंदा पेट्रोल पंपों से केरोसिन बेचने की अनुमति दी है। यह सुविधा उन 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष रूप से लागू होगी, जहां ईंधन की कमी की संभावना अधिक है। नियमों के तहत, प्रत्येक जिले में अधिकतम दो पेट्रोल पंप इस सेवा के लिए नामित किए जा सकते हैं। ये पंप 5,000 लीटर तक केरोसिन का भंडारण और वितरण कर सकेंगे। यह व्यवस्था अगले 60 दिनों तक प्रभावी रहेगी।
2. ‘केरोसिन मुक्त’ राज्यों में भी आपूर्ति
दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे राज्य, जिन्हें पहले ‘केरोसिन मुक्त’ घोषित किया गया था, अब इस योजना के दायरे में आए हैं। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एलपीजी की कमी के समय नागरिकों के पास रसोई और रोशनी के लिए भरोसेमंद विकल्प मौजूद रहे।
3. अतिरिक्त आवंटन और पारदर्शी वितरण
सरकार ने नियमित कोटे के अलावा 48,000 किलोलीटर केरोसिन का अतिरिक्त आवंटन किया है। यह राशन दुकानों (PDS) के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि नियमों में ढील दी गई है, लेकिन सुरक्षा मानकों और निगरानी में कोई कमी नहीं की जाएगी, ताकि केरोसिन की मिलावट या कालाबाजारी पर काबू रखा जा सके।
4. कोयला और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा
बता दें की केवल केरोसिन ही नहीं, सरकार ने कोयला और पीएनजी की उपलब्धता बढ़ाने पर भी जोर दिया है। कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया को निर्देश दिया है कि वे राज्यों को अधिक कोयला उपलब्ध कराएं। वहीं, राज्यों से कहा गया है कि वे घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करें।

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