अमेरिका जापान में 48 F-35 तैनात करेगा, चीन की बढ़ी टेंशन

न्यूज डेस्क। अमेरिका ने एशिया में अपनी वायु शक्ति बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी वायु सेना ने उत्तरी जापान के मिसावा एयर बेस पर अपने पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान F-35A की तैनाती शुरू कर दी है। यह कदम चीन, उत्तर कोरिया और रूस के दूरपूर्वी इलाके के नजदीक अमेरिकी वायु ताकत को और मजबूत करेगा।

पुराने F-16CJ को बदला जा रहा है

इन 48 नए F-35A लड़ाकू विमानों की तैनाती मिसावा एयर बेस पर पहले से मौजूद चौथी पीढ़ी के 36 F-16CJ विमानों की जगह की जा रही है। अमेरिकी वायु सेना का कहना है कि यह बदलाव केवल विमानों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीक और संचालन क्षमता में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।

लेफ्टिनेंट कर्नल जॉन विडमर, कमांडर 13वीं फाइटर स्क्वाड्रन, ने बताया कि F-35A की सबसे बड़ी ताकत इसकी स्टील्थ तकनीक और सेंसर क्षमता है। पुराने F-16CJ विमान एयर डिफेंस सप्रेशन ऑपरेशन में विशेषज्ञ माने जाते थे, लेकिन F-35A अब इसे और अधिक कुशल तरीके से कर सकता है।

F-35 की नई तकनीक

F-35A को विशेष रूप से वाइल्ड वीसल प्लेटफॉर्म के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें सेंसर फ्यूजन और क्वार्टरबैक सिस्टम जैसी अत्याधुनिक तकनीकें हैं, जो विमान को खतरे का पता लगाने और उन्हें मैनेज करने में सक्षम बनाती हैं। लेफ्टिनेंट कर्नल विडमर के अनुसार, यह लगातार अपडेट होने वाला सिस्टम भविष्य की किसी भी युद्ध की परिस्थिति में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

पूर्व योजना और रणनीति

जापान में F-16 फाइटर जेट्स को बदलने की योजना पहली बार जुलाई 2024 में घोषित की गई थी। अब जब यह बदलाव लागू हो रहा है, तो पूर्वी एशिया में अमेरिकी वायु ताकत का संतुलन पूरी तरह से बदलने की उम्मीद है। जानकारों का कहना है कि इससे चीन, रूस और उत्तर कोरिया की सैन्य रणनीतियों पर भी असर पड़ेगा।

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