15 अप्रैल तक जारी हो सकती है वोटर लिस्ट
राजभर के मुताबिक पंचायत चुनाव के लिए विभाग तेजी से काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल तक मतदाता सूची जारी करने की योजना है, जिसके बाद चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। प्रशासनिक स्तर पर भी चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप देने की कोशिश की जा रही है।
मई 2026 में खत्म होगा ग्राम प्रधानों का कार्यकाल
तकनीकी रूप से ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों (बीडीसी) का कार्यकाल मई 2026 में समाप्त हो रहा है। नियमों के अनुसार कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही नए प्रतिनिधियों के चुनाव हो जाने चाहिए। इसी वजह से चुनाव आयोग और प्रशासन पर समय पर चुनाव कराने का दबाव भी बना हुआ है।
ओबीसी आयोग का गठन अभी बाकी
हालांकि पंचायत चुनाव के सामने एक बड़ी चुनौती आरक्षण से जुड़ी प्रक्रिया है। पंचायत चुनाव में आरक्षण तय करने के लिए ओबीसी आयोग की रिपोर्ट जरूरी होती है, लेकिन अभी तक आयोग का गठन ही नहीं किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक आयोग की रिपोर्ट नहीं आती और आरक्षण का रोस्टर तय नहीं होता, तब तक चुनाव कराना मुश्किल हो सकता है।
आगे क्या हो सकता है?
फिलहाल पंचायत चुनाव को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। अगर समय रहते ओबीसी आयोग का गठन हो जाता है और आरक्षण की प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तो चुनाव तय समय पर हो सकते हैं। लेकिन यदि इसमें देरी होती है, तो पंचायत चुनाव आगे खिसकने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

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