कुमामोटो प्रांत में पहुंचाए गए लॉन्चर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जापान की सेना के वाहन सोमवार सुबह कुमामोटो प्रांत स्थित एक आर्मी कैंप में पहुंचे। यहां लंबी दूरी तक मार करने वाली टाइप-12 मिसाइल प्रणाली के लॉन्चर तैनात किए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक इस मिसाइल सिस्टम को मार्च के अंत तक पूरी तरह ऑपरेशनल बनाने की तैयारी है। इस कदम के बाद जापान की समुद्री सुरक्षा क्षमता और मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि यह मिसाइल समुद्र में मौजूद दुश्मन के जहाजों को दूर से निशाना बना सकती है।
क्या है टाइप-12 मिसाइल?
टाइप-12 जापान द्वारा विकसित एक आधुनिक एंटी-शिप मिसाइल प्रणाली है। इसे देश की प्रमुख रक्षा कंपनी मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज ने तैयार किया है। पहले इस मिसाइल की मारक क्षमता लगभग 200 किलोमीटर मानी जाती थी, लेकिन नए अपग्रेड के बाद इसकी रेंज बढ़ाकर करीब 1000 किलोमीटर तक करने की बात कही जा रही है। इस लंबी दूरी की क्षमता के कारण यह मिसाइल समुद्र में मौजूद युद्धपोतों के अलावा दूर स्थित लक्ष्यों पर भी प्रभावी हमला कर सकती है।
चीन-जापान तनाव भी बड़ी वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि यह तैनाती केवल रक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्रीय रणनीति का भी हिस्सा है। चीन और जापान के बीच पिछले कुछ वर्षों में कई मुद्दों पर तनाव बढ़ा है। खासकर पूर्वी चीन सागर में स्थित सेनकाकू द्वीप को लेकर दोनों देशों के बीच विवाद लंबे समय से जारी है। इसके अलावा ताइवान को लेकर भी एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है, जिससे जापान अपनी सैन्य क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रहा है।
रक्षा बजट भी बढ़ा रहा जापान
जापान ने हाल के वर्षों में अपनी सुरक्षा नीति में बड़े बदलाव किए हैं। सरकार ने रक्षा क्षेत्र में भारी निवेश की योजना बनाई है और आने वाले समय में नए हथियार सिस्टम और मिसाइल तैनाती को बढ़ाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार जापान दक्षिण-पश्चिमी द्वीपों पर भी कई आधुनिक मिसाइल सिस्टम तैनात कर रहा है ताकि संभावित खतरे की स्थिति में तुरंत जवाब दिया जा सके।
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