जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू
सड़क निर्माण कार्य को जल्द शुरू करने के लिए “कम्पीटेंट अथॉरिटी फॉर लैंड एक्विजिशन (CALA)” के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह प्राधिकरण विभिन्न जिलों में सड़कों के लिए आवश्यक जमीन अधिग्रहण का काम करेगा। इसके माध्यम से न केवल भूमि अधिग्रहण होगा बल्कि जमीन मालिकों को उचित मुआवजा देने और उनकी शिकायतों का समाधान करने की जिम्मेदारी भी इसी संस्था की होगी। राज्य सरकार ने जिलों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं।
इन परियोजनाओं का होगा निर्माण
राज्य में जिन प्रमुख सड़क परियोजनाओं को जल्द शुरू करने की योजना है, उनमें कई महत्वपूर्ण मार्ग शामिल हैं। इनमें पटना–आरा–सासाराम मार्ग (एनएच 119ए), मोकामा–मुंगेर मार्ग (एनएच 33), साहेबगंज–अरेराज मार्ग (एनएच 139W), पटना–पूर्णिया एक्सप्रेसवे, गोरखपुर–सिलीगुड़ी हाईस्पीड कॉरिडोर, रक्सौल–हल्दिया हाईस्पीड कॉरिडोर और परसरमा–अररिया मार्ग (एनएच 327E) प्रमुख हैं। इन सड़कों के बनने से राज्य के विभिन्न हिस्सों के बीच यात्रा आसान और तेज हो जाएगी।
इन 21 जिलों को मिलेगा सीधा फायदा
इन परियोजनाओं से बिहार के 21 जिलों में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी। इनमें पटना, मोतिहारी, बेतिया, वैशाली, दरभंगा, समस्तीपुर, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, बेगूसराय, मुंगेर, लखीसराय, बांका, भोजपुर और रोहतास जैसे जिले शामिल हैं। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार, उद्योग और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
इसके निर्माण से विकास को मिलेगी रफ्तार
इन सात राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण से बिहार में परिवहन नेटवर्क मजबूत होगा। इससे लोगों की आवाजाही आसान होगी, व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। सरकार की यह पहल राज्य को बेहतर कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास की दिशा में आगे ले जाने वाला महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

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