लाखों घरों तक ब्रॉडबैंड
इस परियोजना के तहत अगले दो से तीन वर्षों में लगभग 20 लाख घरों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। अनुमान है कि इससे करीब एक करोड़ लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इंटरनेट सुविधा मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं, ऑनलाइन शिक्षा और ई-कॉमर्स जैसी सुविधाओं तक पहुंच आसान हो जाएगी।
युवाओं के लिए नए रोजगार
इस योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य युवाओं को तकनीक आधारित रोजगार उपलब्ध कराना भी है। पंचायत स्तर पर लगभग 8,000 से 10,000 युवाओं को डिजिटल सेवा प्रदाता के रूप में तैयार किया जाएगा। इन युवाओं को प्रशिक्षण देकर इंटरनेट और अन्य डिजिटल सेवाओं से जुड़ा काम दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि इस परियोजना के माध्यम से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब एक लाख रोजगार के अवसर तैयार किए जाएं। इससे ग्रामीण युवाओं को अपने ही क्षेत्र में काम मिलने की संभावना बढ़ेगी।
महिलाओं को भी मिलेगा अवसर
सरकार इस योजना में महिलाओं की भागीदारी को भी प्राथमिकता दे रही है। योजना के तहत लगभग 50 प्रतिशत भागीदारी महिलाओं की सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। इससे ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल क्षेत्र में काम करने का मौका मिलेगा और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
डिजिटल सेवाओं का बढ़ेगा विस्तार
हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचने से गांवों में कई नई सुविधाएं उपलब्ध होंगी। लोग टेलीमेडिसिन के माध्यम से दूर बैठे डॉक्टरों से परामर्श ले सकेंगे, वहीं छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा का लाभ मिलेगा। इसके अलावा ई-कॉमर्स, डिजिटल स्किलिंग और ऑनलाइन कंटेंट जैसे क्षेत्रों में भी नए अवसर पैदा होंगे।
युवाओं को मिलेगा आर्थिक सहयोग
राज्य सरकार युवाओं को डिजिटल उद्यमिता से जोड़ने के लिए आर्थिक सहायता भी दे रही है। एक विशेष योजना के तहत युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज और बिना गारंटी के उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना का लाभ अब तक एक लाख से अधिक लोग ले चुके हैं।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से बदलेगा ग्रामीण विकास
जानकारों का मानना है कि आज के दौर में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इंटरनेट कनेक्टिविटी बढ़ने से गांवों में भी वही अवसर उपलब्ध होंगे जो शहरों में मिलते हैं। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार के क्षेत्र में तेजी से विकास संभव होगा।
.png)
0 comments:
Post a Comment