यूपी में बिजली उपभोक्ताओं को राहत, सरकार ने ले लिया बड़ा फैसला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के दौरान उपभोक्ताओं से वसूली गई अतिरिक्त राशि को वापस करने का आदेश दिया गया है। राज्य के विद्युत नियामक आयोग ने बिजली कंपनियों को निर्देश दिया है कि उपभोक्ताओं से ली गई लगभग 127 करोड़ रुपये की अतिरिक्त रकम वापस की जाए।

आयोग के आदेश के अनुसार, 1 अप्रैल के बाद जिन उपभोक्ताओं से अतिरिक्त राशि ली गई है, उसे उनके आगामी बिजली बिलों में समायोजित किया जाएगा। इससे लाखों उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

स्मार्ट प्रीपेड मीटर के दौरान हुई अतिरिक्त वसूली

जानकारी के मुताबिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के दौरान कई उपभोक्ताओं से निर्धारित शुल्क से अधिक रकम ली गई थी। बताया गया है कि सिंगल फेज कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं से करीब 3216 रुपये तक अतिरिक्त वसूले गए, जबकि थ्री फेज कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं से लगभग 7241 रुपये तक ज्यादा राशि ली गई थी। यह अतिरिक्त शुल्क बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं से लिया गया था, जिसके कारण कुल राशि करोड़ों में पहुंच गई।

लाखों उपभोक्ता हुए प्रभावित

बताया जा रहा है कि राज्य में करीब 3.53 लाख से अधिक नए बिजली कनेक्शन देने के दौरान यह अतिरिक्त रकम वसूली गई थी। इतने बड़े स्तर पर वसूली होने के कारण यह मामला काफी चर्चा में आ गया और उपभोक्ताओं ने इसे लेकर आपत्ति भी जताई।

याचिका के बाद आया मामला

यह मुद्दा उपभोक्ता परिषद द्वारा दायर की गई याचिका के बाद सामने आया। परिषद ने आयोग के सामने यह शिकायत रखी कि स्मार्ट मीटर लगाने के नाम पर उपभोक्ताओं से तय दर से अधिक राशि ली जा रही है। मामले की सुनवाई के बाद विद्युत नियामक आयोग ने जांच के आधार पर बिजली कंपनियों को अतिरिक्त वसूली गई रकम लौटाने का आदेश दिया। साथ ही आयोग ने इस मामले में पावर कॉर्पोरेशन के निदेशक (वाणिज्य) को भी 11 अगस्त को उपस्थित होने के लिए कहा है।

उपभोक्ताओं को सीधी राहत

आयोग के निर्देश के बाद बिजली कंपनियों को अब अतिरिक्त वसूली गई राशि को उपभोक्ताओं के बिल में समायोजित करना होगा। इससे आने वाले महीनों में कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल कम हो सकते हैं। यह फैसला उत्तर प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरा माना जा रहा है और इससे भविष्य में ऐसी अनियमितताओं पर रोक लगाने में भी मदद मिल सकती है।

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