केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: आज से 5 नए नियम लागू, सभी जान लें

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल, 2026 से पैन कार्ड से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। इस कदम का उद्देश्य देश की अर्थव्यवस्था को डिजिटल बनाना और टैक्स चोरी पर रोक लगाना है। नए नियमों का असर आम आदमी, प्रॉपर्टी खरीदार, महंगी गाड़ियां खरीदने वाले और बैंक में नकद जमा करने वालों सभी पर पड़ेगा।

1. रियल एस्टेट और प्रॉपर्टी में बदलाव

पहले 10 लाख रुपये से अधिक की अचल संपत्ति खरीद-बिक्री पर पैन कार्ड दिखाना अनिवार्य था। अब यह सीमा 20 लाख रुपये कर दी गई है। इसका मतलब है कि मध्यम वर्गीय परिवार छोटे घर या जमीन खरीदते समय अब कम कागजी झंझट झेलेंगे। हालांकि, 20 लाख से अधिक के सौदों में पैन कार्ड देना अभी भी अनिवार्य रहेगा।

2. कैश लेनदेन और बैंक जमा पर नई सीमा

बैंक में नकद जमा या निकासी को लेकर भी नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अब एक वित्तीय वर्ष में कुल 10 लाख रुपये या उससे अधिक के नकद लेनदेन पर पैन कार्ड दिखाना आवश्यक होगा। इससे ब्लैक मनी के लेनदेन पर कड़ी नजर रखी जा सकेगी।

3. महंगी गाड़ियों की खरीद पर नियम

ऑटोमोबाइल सेक्टर में बदलाव के अनुसार, अब केवल 5 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली कार या बाइक खरीदने पर पैन कार्ड देना जरूरी होगा। इससे आम और एंट्री-लेवल वाहनों के खरीदारों को राहत मिलेगी।

4. होटल और विदेशी यात्रा पर निगरानी

लग्जरी खर्च पर भी आयकर विभाग की निगरानी बढ़ाई गई है। अब 1 लाख रुपये से अधिक के होटल बिल, शादी या अन्य बड़े इवेंट पर भुगतान करने पर पैन कार्ड अनिवार्य होगा। विदेश यात्रा या विदेशी मुद्रा के लेनदेन में भी पैन की जानकारी देनी होगी।

5. पैन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया हुई सख्त

नए नियमों के तहत ई-पैन बनवाने की प्रक्रिया अब और सख्त हो गई है। केवल आधार कार्ड के जरिए पैन नहीं बन पाएगा। इसके लिए अतिरिक्त दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस की कॉपी जमा करनी होगी। साथ ही, पुराने फॉर्म की जगह अब फॉर्म 93 जैसे विस्तृत फॉर्म का उपयोग करना होगा।

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