बैंकों को दिए गए स्पष्ट लक्ष्य
सरकार ने इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बैंकों को अलग-अलग लक्ष्य सौंपे हैं, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को ऋण सुविधा मिल सके और वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकें। राज्य में सबसे अधिक 32,438 युवाओं को ऋण देने का लक्ष्य उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक को दिया गया है। इसके अलावा विभिन्न राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों को भी अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
प्रमुख बैंकों के लिए तय लक्ष्य
योजना के तहत बड़े बैंकों को भी महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है:
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया: 22,154 MSME
पंजाब नेशनल बैंक: 15,770 MSME
बैंक ऑफ बड़ौदा: 12,756 MSME
केनरा बैंक: 11,125 MSME
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया: 10,764 MSME
बैंक ऑफ इंडिया: 5,168 MSME
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया: 5,510 MSME
इंडियन बैंक: 10,298 MSME
इन बैंकों को युवाओं को सरल और तेज प्रक्रिया के जरिए ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
निजी बैंकों की भी अहम भूमिका
निजी क्षेत्र के बैंकों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। इनमें एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और अन्य वित्तीय संस्थानों को हजारों युवाओं को ऋण देने का लक्ष्य मिला है।
एचडीएफसी बैंक: 6,664
एक्सिस बैंक: 3,919
आईसीआईसीआई बैंक: 3,479
आईडीबीआई बैंक: 833
इसके अलावा छोटे निजी बैंकों और सहकारी बैंकों को भी सीमित लेकिन महत्वपूर्ण लक्ष्य दिए गए हैं।
समय पर लक्ष्य पूरा करने की तैयारी
राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के अनुसार इस योजना के तहत निर्धारित 1.50 लाख इकाइयों के लक्ष्य को दिसंबर तक पूरा करने की रणनीति बनाई गई है। सरकार और बैंक दोनों मिलकर इस दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में भी लगभग इसी तरह का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें करीब 1.47 लाख नए MSME स्थापित कराए गए थे। इससे यह स्पष्ट होता है कि योजना लगातार विस्तार और सफलता की ओर बढ़ रही है।
युवाओं के लिए बड़ा अवसर
यह योजना खासकर उन युवाओं के लिए बेहद लाभकारी है जो नौकरी की बजाय अपना व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। आसान ऋण सुविधा और सरकारी सहयोग से युवा अपने छोटे उद्योग, स्टार्टअप और सेवा क्षेत्र में नए अवसर बना सकते हैं।

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