अलग-अलग परीक्षाओं से मिलेगी राहत
अब तक आयोग प्रारंभिक अर्हता परीक्षा यानी पीईटी के अंकों के आधार पर विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग मुख्य परीक्षाएं आयोजित करता रहा है। हर भर्ती का अलग सिलेबस और अलग परीक्षा पैटर्न होने के कारण अभ्यर्थियों को कई बार तैयारी करनी पड़ती थी।
कम पदों वाली भर्तियों में यह प्रक्रिया और ज्यादा लंबी हो जाती थी, जिससे नियुक्तियां समय पर पूरी नहीं हो पाती थीं। नई प्रणाली के तहत समान कार्य और समान पाठ्यक्रम वाले पदों को एक साथ जोड़कर एक ही मुख्य परीक्षा कराई जाएगी। इससे भर्ती प्रक्रिया अधिक सरल और व्यवस्थित हो सकेगी।
अभ्यर्थियों का बचेगा समय और पैसा
नई व्यवस्था लागू होने से युवाओं को सबसे बड़ा फायदा आर्थिक खर्च में राहत के रूप में मिलेगा। बार-बार आवेदन शुल्क भरने, अलग-अलग शहरों में परीक्षा देने जाने और अलग-अलग तैयारी करने की परेशानी कम हो जाएगी। इसके साथ ही आयोग को भी परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था, सुरक्षा और संचालन को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिलेगी। बड़ी संयुक्त परीक्षाएं होने से पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनने की उम्मीद है।
जल्द आएगी नई भर्ती
आयोग की ओर से पीईटी 2025 के आधार पर अब तक 13 भर्ती विज्ञापन जारी किए जा चुके हैं। वहीं जल्द ही सहायक लेखाकार के करीब 1600 पदों पर भर्ती के लिए नया विज्ञापन आने की संभावना है।
इन पदों पर फायदा
नई प्रणाली का लाभ प्रदेश सरकार के कई समूह ‘ग’ पदों की भर्तियों में देखने को मिल सकता है। इनमें राजस्व लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, कनिष्ठ सहायक, आशुलिपिक, कंप्यूटर ऑपरेटर, वन रक्षक, आबकारी सिपाही, पूर्ति निरीक्षक, विपणन निरीक्षक, अधिशासी अधिकारी, सहायक सांख्यिकी अधिकारी और गन्ना पर्यवेक्षक जैसे कई पद शामिल हैं।
युवाओं में बढ़ी उम्मीद
सरकार और आयोग की इस पहल से नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं में उत्साह बढ़ा है। अभ्यर्थियों का मानना है कि एक ही परीक्षा से कई भर्तियों का रास्ता खुलने से तैयारी का दबाव कम होगा और भर्ती प्रक्रिया भी पहले से ज्यादा तेज और आसान बन सकेगी।

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