सरकारी जमीन की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
विभाग के अनुसार सरकारी जमीन की सही पहचान और उसका रिकॉर्ड अपडेट करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी स्थिति में सरकारी जमीन को गलत तरीके से किसी निजी व्यक्ति के नाम दर्ज नहीं होने दिया जाएगा। अगर ऐसा कोई मामला सामने आता है, तो उसमें शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई
सरकार ने यह भी साफ किया है कि जमीन से जुड़े गलत रिकॉर्ड या फर्जीवाड़े में अगर किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही तय करना है।
जिलों की हुई समीक्षा बैठक
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुपौल, रोहतास और पटना जिलों के राजस्व कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान लंबित मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए। सभी जिलों के अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर काम पूरा करने को कहा गया है, ताकि भूमि रिकॉर्ड व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
भ्रष्टाचार पर निगरानी और कड़ी
भूमि मामलों में भ्रष्टाचार रोकने के लिए आर्थिक अपराध इकाई के तहत विशेष निगरानी सेल भी बनाया गया है। इस व्यवस्था के तहत कई अधिकारियों पर निगरानी रखी जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि भूमि से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़े और किसी भी तरह की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई हो।

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