पानी-पानी होगा यूपी! कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भीषण गर्मी से परेशान लोगों को आने वाले तीन दिनों में राहत मिलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के 50 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की स्थिति बन सकती है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं और तूफानी मौसम लोगों के लिए चुनौती भी बन सकता है।

60 से 70 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई जिलों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं कुछ क्षेत्रों में यह गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। इस दौरान बिजली गिरने और पेड़ गिरने जैसी घटनाओं का भी खतरा बना रहेगा।

इन जिलों में होगी बारिश और ओलावृष्टि

पश्चिमी और पूर्वी यूपी के कई जिलों में बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना जताई गई है। इनमें सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, बरेली, झांसी, मुरादाबाद, जौनपुर, सीतापुर, लखीमपुर खीरी और कई अन्य जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है।

29 मई को और बिगड़ेगा मौसम

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 29 मई को मौसम और अधिक सक्रिय हो सकता है। इस दिन पश्चिमी और पूर्वी यूपी में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज आंधी चलने की संभावना है। कुछ जिलों में हवाओं की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर यह 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी जा सकती है। यह स्थिति विशेष रूप से आगरा, मथुरा, एटा, फिरोजाबाद, कानपुर, झांसी, बरेली और आसपास के क्षेत्रों में देखने को मिल सकती है।

ओलावृष्टि का बढ़ा खतरा

राज्य के कई हिस्सों में बारिश के साथ ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है। इससे फसलों को नुकसान पहुंच सकता है, खासकर उन इलाकों में जहां खेती की तैयारी या खड़ी फसलें मौजूद हैं। बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, बहराइच, श्रावस्ती और कई अन्य जिलों में ओलावृष्टि का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है।

प्रशासन की अपील

मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें, खुले स्थानों से बचें और बिजली गिरने की स्थिति में सावधानी बरतें। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

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