इस योजना से मछली पालकों, कारोबारियों और युवाओं को सीधे तौर पर फायदा मिलने की उम्मीद है। सरकार ने योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। पहले चरण में गोरखपुर और मुरादाबाद में आधुनिक होल सेल फिश मंडियां बनाई जाएंगी। इसके अलावा गोरखपुर में एकीकृत एक्वा पार्क और मत्स्य प्रसंस्करण केंद्र भी विकसित किया जाएगा।
गोरखपुर बनेगा मत्स्य कारोबार का बड़ा केंद्र
मत्स्य विभाग के अनुसार गोरखपुर में करीब 27 एकड़ भूमि पर एक्वा पार्क, फिश मंडी और प्रसंस्करण इकाई स्थापित की जाएगी। वहीं मुरादाबाद में लगभग 4.84 एकड़ क्षेत्र में अत्याधुनिक होल सेल फिश मंडी बनाई जाएगी। इन परियोजनाओं के जरिए मत्स्य पालन से जुड़ी पूरी व्यवस्था को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। इसमें उत्पादन से लेकर कोल्ड स्टोरेज, पैकेजिंग, विपणन और परिवहन तक की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
मछली पालकों को मिलेगा आधुनिक बाजार
प्रदेश के मछली पालकों को लंबे समय से संगठित बाजार और आधुनिक सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ता रहा है। सही भंडारण व्यवस्था न होने के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। नई योजना के लागू होने से किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलने की संभावना है। सरकार का मानना है कि आधुनिक फिश मंडियों के बनने से बिचौलियों की भूमिका कम होगी और उत्पाद सीधे बाजार तक पहुंच सकेंगे।
पीपीपी मॉडल पर होगा संचालन
अपर मुख्य सचिव द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक इन परियोजनाओं का संचालन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर किया जाएगा। इसके लिए निजी संस्थाओं और निवेशकों से अभिरुचि आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत फिश मंडियों के निर्माण के लिए 24-24 करोड़ रुपये, एक्वा पार्क के लिए 40 करोड़ रुपये और मत्स्य प्रसंस्करण केंद्र के लिए 12 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
क्या होंगी खास सुविधाएं?
नई फिश मंडियों में हाईजीनिक फिश सेलिंग प्लेटफॉर्म, कोल्ड स्टोरेज, आइस प्लांट, फिश वाशिंग एरिया, डिजिटल वेइंग मशीन और ई-नीलामी जैसी सुविधाएं होंगी। इससे कारोबार को डिजिटल और व्यवस्थित स्वरूप मिलेगा। एक्वा पार्क में उन्नत प्रजातियों की मछलियों के लिए उत्कृष्टता केंद्र, पर्यटन गतिविधियां, संग्रहालय और प्रत्यक्ष प्रदर्शन केंद्र विकसित किए जाएंगे। वहीं प्रसंस्करण केंद्रों में फ्रीजर यूनिट, पैकेजिंग सिस्टम, टेस्टिंग लैब, ऑनलाइन ट्रेडिंग और रेडी-टू-ईट फिश उत्पाद तैयार करने की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

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