इस नई सेवा की घोषणा 26 मई 2026 को की गई, जिसे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंजूरी दी है। यह ट्रेन सिर्फ दो शहरों को जोड़ने वाली सामान्य सेवा नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे पूर्वांचल के कई जिलों के लिए एक अहम लाइफलाइन के रूप में देखा जा रहा है।
किन स्टेशनों के बीच चलेगी ट्रेन
यह प्रस्तावित ट्रेन गोरखपुर के नकहवा जंगल स्टेशन से शुरू होकर लखनऊ के डालीगंज स्टेशन तक जाएगी। इस रूट पर नई ट्रेन शुरू होने से उन क्षेत्रों को सीधा फायदा मिलेगा जहां अब तक सीमित रेल विकल्प उपलब्ध थे। हालांकि रेलवे की ओर से अभी ट्रेन का नंबर, किराया, टाइम टेबल और स्टॉपेज की पूरी जानकारी जारी नहीं की गई है। इसके शुरू होने की तारीख का भी आधिकारिक इंतजार किया जा रहा है।
इन 7 जिलों को मिलेगा सीधा फायदा
नई ट्रेन सेवा से उत्तर प्रदेश के सात जिलों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है। इनमें शामिल हैं गोरखपुर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, गोंडा, बाराबंकी, लखनऊ। इन जिलों के यात्रियों को अब यात्रा के लिए बेहतर और आसान विकल्प मिल सकेगा।
छात्रों, किसानों और व्यापारियों को राहत
इस ट्रेन का सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को मिलेगा जो रोजाना यात्रा करते हैं। छात्रों को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए लखनऊ आने-जाने में आसानी होगी। वहीं नौकरीपेशा लोगों और छोटे व्यापारियों के लिए भी यह सेवा काफी उपयोगी साबित हो सकती है। किसानों को अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा, जिससे समय और लागत दोनों में बचत होने की उम्मीद है।

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