सरकार की योजना के मुताबिक, जो व्यक्ति कॉलेज बनाने के लिए जमीन दान करेगा, उसके नाम या उसके परिवार द्वारा सुझाए गए नाम को कॉलेज परिसर के किसी हिस्से से जोड़ा जाएगा। इससे समाज में शिक्षा के लिए सहयोग करने वालों को नई पहचान मिलेगी और दूसरे लोग भी आगे आने के लिए प्रेरित होंगे।
211 प्रखंडों में शुरू होगी डिग्री की पढ़ाई
राज्य सरकार ने ऐसे 211 प्रखंडों को चिन्हित किया है जहां अभी तक डिग्री कॉलेज की सुविधा उपलब्ध नहीं है। सरकार का लक्ष्य है कि इन क्षेत्रों में जल्द से जल्द उच्च शिक्षा की व्यवस्था शुरू की जाए। माना जा रहा है कि एक जुलाई से कई प्रखंडों में डिग्री स्तर की पढ़ाई की शुरुआत हो सकती है। इस पहल से खास तौर पर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को राहत मिलेगी। उन्हें पढ़ाई के लिए दूर शहरों में किराया और रहने का अतिरिक्त खर्च नहीं उठाना पड़ेगा।
विक्रमशिला यूनिवर्सिटी को भी मिलेगी गति
बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रस्तावित विक्रमशिला यूनिवर्सिटी के लिए जल्द जमीन उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि निर्माण कार्य में तेजी लाई जा सके। सरकार चाहती है कि बिहार में उच्च शिक्षा का स्तर मजबूत हो और छात्रों को राज्य में ही बेहतर अवसर मिलें।
ओपन यूनिवर्सिटी पर भी सरकार का फोकस
सरकार अब ओपन और डिस्टेंस एजुकेशन मॉडल पर भी ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि देश की सफल ओपन यूनिवर्सिटी का अध्ययन किया जाए और बिहार में भी ऐसे संस्थानों की संख्या बढ़ाने की योजना बनाई जाए। इससे नौकरीपेशा, ग्रामीण और दूरदराज के छात्र भी आसानी से पढ़ाई कर सकेंगे।
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