CM सम्राट का बड़ा फैसला, बिहार में अफसरों की विदेश यात्रा पर रोक

पटना। बिहार सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी खर्च में पारदर्शिता लाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने अफसरों की विदेश यात्राओं पर अगले 6 महीने तक पूरी तरह रोक लगाने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और आर्थिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

6 महीने तक विदेश यात्रा पर पूर्ण रोक

नई नीति के तहत बिहार के किसी भी सरकारी अधिकारी को अगले 6 महीनों तक विदेश यात्रा की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सरकारी खर्च पर कोई भी विदेशी दौरा स्वीकृत नहीं किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे अनावश्यक खर्चों में कमी आएगी और प्रशासनिक कामकाज को देश के भीतर ही अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होंगे अधिकतर काम

सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि अब अधिकांश विभागीय बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएंगी। इससे समय की बचत होगी और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी। यह कदम डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी जोर

सरकारी अधिकारियों को अब कारपूलिंग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्राथमिकता देने की बात भी कही गई है। इस निर्णय का उद्देश्य ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना बताया गया है।

बिजली बचत के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त

सभी विभागों में एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी, जो यह सुनिश्चित करेगा कि सरकारी दफ्तरों में बिजली का अनावश्यक उपयोग न हो। इसमें एयर कंडीशनर, बल्ब और अन्य बिजली उपकरणों के इस्तेमाल पर निगरानी रखी जाएगी, ताकि ऊर्जा की बचत की जा सके।

सरकार का प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम

सरकार के मुख्य सचिव द्वारा इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। माना जा रहा है कि यह कदम बिहार में प्रशासनिक अनुशासन, डिजिटल कार्यप्रणाली और खर्च नियंत्रण को मजबूत करेगा। यह फैसला आने वाले समय में राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाने में मदद कर सकता है।

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