मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने इस संबंध में सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, जिला पदाधिकारियों, वरीय पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकार का उद्देश्य है कि लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान हो और आम जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ें।
महीने में दो बार लगेंगे सहयोग शिविर
सरकार के निर्देश के अनुसार अब नगर निकाय क्षेत्रों में भी ग्राम पंचायतों की तर्ज पर महीने के प्रथम और तृतीय मंगलवार को सहयोग शिविर लगाए जाएंगे। ये शिविर शहरों के अलग-अलग वार्डों में आयोजित किए जाएंगे ताकि लोगों को अपने इलाके में ही सुविधा मिल सके।
जिला पदाधिकारी और नगर आयुक्त या कार्यपालक पदाधिकारी को तीन दिनों के भीतर शिविर की तिथि और स्थान तय करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही शिविर की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकें।
वार्ड स्तर पर सुनी जाएंगी लोगों की समस्याएं
सरकार ने स्पष्ट किया है कि शिविर में आने वाले लोगों की शिकायतें गंभीरता से सुनी जाएंगी। लोगों से आवेदन शिविर लगने के 30 दिन पहले से ही लिए जाएंगे ताकि उनकी समस्याओं का रिकॉर्ड पहले से तैयार किया जा सके।
सहयोग शिविरों का आयोजन वार्डों में किसी सरकारी भवन में किया जाएगा। अगर सरकारी भवन उपलब्ध नहीं होगा तो अस्थायी लेकिन मजबूत ढांचे की व्यवस्था की जाएगी। गर्मी को देखते हुए वहां पंखा, पीने का पानी और बैठने जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
शिकायतों का ऑनलाइन निस्तारण
सरकार ने शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सहयोग पोर्टल की व्यवस्था की है। शिविर में मिलने वाली सभी शिकायतों को पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा और तय समय सीमा के भीतर उनका निस्तारण किया जाएगा।
आवेदन की प्राप्ति, संबंधित विभाग को भेजने और समाधान की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने लॉगिन के जरिए रोजाना पोर्टल की निगरानी करें ताकि किसी शिकायत में अनावश्यक देरी न हो।
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