कृषि विभाग के अनुसार खरीफ अभियान 2026 के तहत इस वर्ष 61.50 लाख टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य तय किया गया है। सरकार ने 25 मई तक ही करीब 36.99 लाख टन उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी है। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 32.72 लाख टन था। इसके अलावा प्रदेश में 28.61 लाख टन उर्वरक का अतिरिक्त भंडार भी सुरक्षित रखा गया है, ताकि किसी जिले में कमी की स्थिति पैदा न हो।
पिछले साल से बेहतर हुई व्यवस्था
सरकार का कहना है कि इस बार केवल भंडारण ही नहीं बल्कि वितरण व्यवस्था में भी सुधार किया गया है। पिछले वर्ष मई तक करीब 8.10 लाख टन उर्वरक किसानों तक पहुंचा था, जबकि इस बार यह आंकड़ा बढ़कर 8.38 लाख टन तक पहुंच गया है। इससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि सरकार खरीफ सीजन को लेकर पहले से ज्यादा सक्रिय है।
किसानों को समय पर मिलेगा बीज
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज और खाद उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे 50 प्रतिशत अनुदान पर बीज प्राप्त करने के लिए दर्शन पोर्टल पर जल्द आवेदन करें। सरकार चाहती है कि खरीफ बुवाई शुरू होने से पहले किसानों को सभी जरूरी संसाधन आसानी से मिल जाएं।
पारदर्शिता पर सरकार का जोर
बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि बीज और उर्वरक वितरण में पूरी पारदर्शिता बरती जाए। किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और कालाबाजारी जैसी शिकायतों पर सख्ती से कार्रवाई की जाए।
कृषि विभाग की इस तैयारी से प्रदेश के लाखों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। समय पर खाद और बीज उपलब्ध होने से खरीफ फसलों की बुवाई बेहतर तरीके से हो सकेगी, जिसका सीधा फायदा किसानों की पैदावार और आय पर पड़ेगा।

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