1.कैशलेस इलाज की सुविधा
कैबिनेट ने वर्तमान और पूर्व विधायकों के साथ उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का फैसला किया है। इसके अलावा अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी, राज्य सरकार के नियमित कर्मचारी, पेंशनधारी और उनके परिवार भी बिहार सरकार स्वास्थ्य योजना के दायरे में आएंगे। सरकार का मानना है कि इस फैसले से इलाज के दौरान आर्थिक बोझ कम होगा और कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा मिल सकेगी।
2. नई भूमि क्रय नीति 2026 को मंजूरी
सरकार ने नई भूमि खरीद नीति को भी स्वीकृति दी है। इसके तहत जमीन अधिग्रहण के समय लोगों को पहले की तुलना में अधिक मुआवजा मिलेगा। नई व्यवस्था के अनुसार शहरी क्षेत्रों में बाजार मूल्य या सर्किल रेट में जो अधिक होगा, उसकी दोगुनी राशि दी जाएगी। वहीं ग्रामीण इलाकों में यह भुगतान चार गुना तक हो सकेगा। इसके अलावा 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।
3. जमीन खरीद पर स्टांप शुल्क से राहत
कैबिनेट ने विकास परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित होने वाली जमीन को स्टांप शुल्क और पंजीयन शुल्क से मुक्त रखने का निर्णय लिया है। इस कदम का उद्देश्य सरकारी परियोजनाओं में तेजी लाना और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सरल बनाना है। माना जा रहा है कि इससे सड़क, भवन और अन्य आधारभूत ढांचा परियोजनाओं को गति मिलेगी।
4 .यातायात व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
पटना ट्रैफिक व्यवस्था से जुड़े अधिकारी अनिल कुमार को रिटायरमेंट के बाद संविदा पर दोबारा नियुक्त करने का फैसला लिया गया है। सरकार का कहना है कि अनुभवी अधिकारियों की सेवाओं का इस्तेमाल प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में किया जाएगा।
5 .हाईकोर्ट जजों के लिए खरीदे जाएंगे नए वाहन
सरकार ने कैबिनेट की बैठक में पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के उपयोग के लिए 10 नए वाहन खरीदने की मंजूरी दी है। इसके लिए करीब 3.70 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
6 .मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की कमी होगी दूर
राज्य सरकार ने बिहार चिकित्सा शिक्षा सेवा भर्ती एवं प्रोन्नति नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी है। इस फैसले के बाद मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट और ट्यूटर की नियुक्ति प्रक्रिया तेज होगी। सरकार का कहना है कि इससे मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता सुधरेगी और सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी।

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