बिहार सरकार का बड़ा फैसला, किसानों के लिए 2 बड़ी खुशखबरी

न्यूज डेस्क। बिहार सरकार ने किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत की है। पश्चिमी कोसी नहर के विस्तारीकरण, पुनर्स्थापन और आधुनिकीकरण के लिए करीब 8678 करोड़ रुपये की योजना पर काम शुरू हो चुका है। इस योजना को राज्य के कृषि और जल प्रबंधन के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है।

पहली खुशखबरी: किसानों को सालभर मिलेगा सिंचाई पानी

इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ किसानों को मिलने वाला है। करीब 741 किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली को सीमेंट-कंक्रीट से लाइनिंग कर आधुनिक बनाया जा रहा है, जिससे पानी की बर्बादी काफी हद तक रुक जाएगी। इसके बाद मधुबनी और दरभंगा के 36 प्रखंडों में पूरे साल सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध रहेगा। इस योजना से लगभग 2.91 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई क्षमता विकसित होगी, जिससे 24 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।

दूसरी खुशखबरी: ग्रामीण विकास और कनेक्टिविटी में सुधार

इस योजना का दूसरा बड़ा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के रूप में सामने आएगा। नहरों के किनारे 338 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिससे गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इसके साथ ही 260 नए पुल बनाए जाएंगे और 407 पुराने पुलों की मरम्मत की जाएगी। इससे ग्रामीण इलाकों में आवागमन आसान होगा और किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी।

जल प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण में भी सुधार

परियोजना में जल प्रबंधन को मजबूत करने के लिए कई संरचनात्मक सुधार शामिल किए गए हैं। इसके तहत 558 नए रेगुलेटर बनाए जाएंगे और 218 पुराने रेगुलेटरों की मरम्मत होगी। इसके अलावा क्रॉस ड्रेनेज सिस्टम और फॉल्स की मरम्मत व निर्माण से बाढ़ के पानी को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। इससे न केवल खेतों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि जल संसाधनों का बेहतर उपयोग भी सुनिश्चित होगा।

अतिरिक्त स्वीकृति से मिलेगा और बल

राज्य सरकार ने पश्चिमी कोसी सिंचाई प्रणाली के आधुनिकीकरण के लिए अतिरिक्त धनराशि भी मंजूर की है। इसमें झंझारपुर शाखा नहर और अन्य हिस्सों के पुनर्वास व सुधार कार्य शामिल हैं। इन कार्यों से पुरानी नहर प्रणाली को नया जीवन मिलेगा और सिंचाई व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।

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