यूपी में शिक्षकों की पदोन्नति पर बड़ा अपडेट, 21 मई तक मांगे गए दस्तावेज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। प्रधानाध्यापक एवं समकक्ष पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक सामने आए हैं, जो पात्र होने के बावजूद सूची से बाहर रह गए थे। अब माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों को अंतिम अवसर देते हुए आवश्यक दस्तावेज और प्रत्यावेदन जमा करने के निर्देश जारी किए हैं।

288 शिक्षक पदोन्नति सूची से रह गए बाहर

माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, सहायक अध्यापक (एलटी) और प्रवक्ता संवर्ग के कुल 288 शिक्षक पदोन्नति प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाए। इनमें पुरुष और महिला दोनों वर्गों के शिक्षक शामिल हैं। विभाग ने ऐसे शिक्षकों की सूची आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी है ताकि संबंधित शिक्षक समय रहते अपनी आपत्तियां और जरूरी दस्तावेज जमा कर सकें।

21 मई तक जमा करने होंगे दस्तावेज

शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि संबंधित शिक्षकों को 21 मई तक अपना प्रत्यावेदन, गोपनीय आख्या (ACR) तथा अन्य आवश्यक प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने होंगे। विभाग ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। इसलिए जिन शिक्षकों के दस्तावेज अधूरे हैं, उन्हें जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

कई शिक्षकों की गोपनीय आख्या अधूरी

बताया जा रहा है कि कई शिक्षकों की गोपनीय आख्या उपलब्ध नहीं है, जबकि कुछ मामलों में आवश्यक प्रमाणपत्र विभाग तक नहीं पहुंचे हैं। इसी कारण वे पदोन्नति सूची में शामिल नहीं हो सके। अब विभाग ने उन्हें दस्तावेज पूरे करने का मौका दिया है।

सेवानिवृत्त शिक्षकों को नोशनल पदोन्नति

सूची में कुछ ऐसे शिक्षक भी शामिल हैं जो पदोन्नति प्रक्रिया में देरी के कारण सेवानिवृत्त हो चुके हैं। ऐसे शिक्षकों को विभाग द्वारा काल्पनिक यानी नोशनल पदोन्नति दिए जाने की संभावना जताई गई है। इससे उन्हें सेवा लाभ और पेंशन संबंधी फायदे मिल सकते हैं।

ई-मेल के जरिए भेजने होंगे दस्तावेज

विभाग ने शिक्षकों को निर्देश दिया है कि वे अपने सभी आवश्यक दस्तावेज शिक्षा निदेशालय प्रयागराज के नियुक्ति (राजपत्रित) माध्यमिक अनुभाग की ई-मेल आईडी पर निर्धारित तिथि तक भेज दें। दस्तावेजों की जांच के बाद ही योग्य शिक्षकों को प्रधानाध्यापक या समकक्ष पदों पर पदोन्नति देने की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। इस फैसले के बाद लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

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