8वें वेतन आयोग: चपरासी, क्लर्क और अफसर की नई सैलरी?

नई दिल्ली। देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हर कर्मचारी यह जानना चाहता है कि नए वेतन आयोग के लागू होने के बाद उसकी सैलरी में कितना इजाफा होगा। खासकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों, क्लर्क, तकनीकी स्टाफ और अधिकारियों की संभावित नई सैलरी को लेकर उत्सुकता काफी बढ़ गई है।

कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने कई बड़ी मांगें रखी हैं। इनमें सबसे अहम फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने और कई पे-लेवल्स को आपस में मर्ज करने का प्रस्ताव शामिल है। यदि इन मांगों पर सहमति बनती है तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

क्या होता है फिटमेंट फैक्टर?

फिटमेंट फैक्टर वह गुणक होता है जिसके आधार पर पुरानी बेसिक सैलरी को नई सैलरी में बदला जाता है। 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 रखा गया था। इस बार कर्मचारी यूनियनें इसे 3.833 तक बढ़ाने की मांग कर रही हैं। हालांकि आर्थिक विशेषज्ञों और ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि सरकार वित्तीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए इसे 1.83 से 2.46 के बीच रख सकती है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि महंगाई को देखते हुए फिटमेंट फैक्टर 3 गुना तक हो सकता है।

चपरासी से अफसर तक की सैलरी

अगर न्यूनतम अनुमान के हिसाब से भी फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में अच्छी बढ़ोतरी संभव है। उदाहरण के तौर पर मौजूदा लेवल-1 कर्मचारियों की बेसिक सैलरी ₹18 हजार से बढ़कर ₹32 हजार से ₹41 हजार तक पहुंच सकती है।

वहीं क्लर्क और जूनियर टेक्निशियन जैसे लेवल-3 कर्मचारियों की बेसिक सैलरी ₹21,700 से बढ़कर लगभग ₹39 हजार से ₹49 हजार तक हो सकती है। इसके अलावा लेवल-6 के कर्मचारियों की सैलरी ₹64 हजार से ₹80 हजार तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। ग्रुप ‘ए’ अधिकारियों के लिए भी बड़ा फायदा संभव माना जा रहा है। लेवल-10 अधिकारियों की बेसिक सैलरी ₹56,100 से बढ़कर ₹1 लाख से अधिक हो सकती है।

DA - HRA से बढ़ेगी कुल सैलरी

नई बेसिक सैलरी के अलावा महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रैवल अलाउंस (TA) भी अलग से जुड़ेंगे। इससे कर्मचारियों की कुल इन-हैंड सैलरी में और ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है।

कर्मचारी यूनियनों की बड़ी मांग

कर्मचारी संगठनों ने सरकार से न्यूनतम बेसिक वेतन ₹69 हजार करने की मांग रखी है। इसके अलावा कई पे-लेवल्स को मर्ज करने का भी प्रस्ताव दिया गया है। यदि सरकार इन मांगों को स्वीकार करती है, तो सैलरी स्ट्रक्चर में अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि, अंतिम फैसला केंद्र सरकार और वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद ही होगा।

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