अब तक पीएफ निकासी के लिए कर्मचारियों को ऑनलाइन क्लेम फॉर्म भरना होता है, जिसके बाद वेरिफिकेशन और प्रोसेसिंग में कई दिन लग जाते हैं। इस प्रक्रिया में दस्तावेज़ जांच और मंजूरी चरण होने के कारण समय अधिक लगता है। नई व्यवस्था का उद्देश्य इसी प्रक्रिया को सरल बनाकर सीधे और तेज ट्रांसफर को संभव बनाना है।
1 .UPI से कैसे बदलेगा पूरा सिस्टम
नई प्रणाली लागू होने के बाद EPFO सदस्य अपने पीएफ अकाउंट में उपलब्ध निकासी योग्य राशि को सीधे देख सकेंगे। इसके बाद यूपीआई पिन की मदद से वह राशि तुरंत अपने लिंक किए गए बैंक खाते में ट्रांसफर की जा सकेगी। यह प्रक्रिया बिल्कुल उसी तरह होगी जैसे सामान्य डिजिटल भुगतान ऐप्स के जरिए भुगतान किया जाता है, जिससे उपयोगकर्ताओं को अलग से लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।
2 .निकासी प्रक्रिया होगी रियल-टाइम
इस सिस्टम में जैसे ही यूजर ट्रांजैक्शन को मंजूरी देगा, पैसा तुरंत बैंक खाते में पहुंच जाएगा। इससे कागजी कार्रवाई और लंबा इंतजार लगभग खत्म हो जाएगा। हालांकि, कुल पीएफ राशि का एक निर्धारित हिस्सा ही निकाला जा सकेगा, जबकि बाकी राशि सुरक्षित रूप से खाते में बनी रहेगी।
3 .ऑटो-सेटलमेंट सिस्टम में भी सुधार
सरकार पहले ही आपातकालीन निकासी जैसे चिकित्सा, शिक्षा, विवाह और घर संबंधी जरूरतों के लिए ऑटो-सेटलमेंट सीमा को बढ़ा चुकी है। अब यह सीमा बढ़कर 5 लाख रुपये तक हो गई है। इससे कई मामलों में पीएफ निकासी की प्रक्रिया और तेज हो गई है, जिसे अब UPI आधारित सिस्टम और सरल बनाएगा।
4 .डिजिटल सेवाओं का विस्तार: WhatsApp हेल्पडेस्क
EPFO जल्द ही व्हाट्सएप आधारित सेवा भी शुरू करने जा रहा है, जिसके जरिए सदस्य अपने पीएफ बैलेंस, क्लेम स्टेटस और लेनदेन की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। इस सेवा को कई भाषाओं में उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे देश के अलग-अलग हिस्सों के लोगों को सुविधा मिल सके।

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