केंद्र सरकार ने दी जानकारी - देश में ईंधन की कोई कमी नहीं

नई दिल्ली। देश में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की उपलब्धता को लेकर सामने आई चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। सरकार के अनुसार देश में ईंधन आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं।

पेट्रोल-डीजल की सप्लाई सामान्य

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है। कुछ स्थानों पर पेट्रोल पंपों पर मांग बढ़ने की स्थिति जरूर देखने को मिली है, लेकिन यह आपूर्ति की कमी के कारण नहीं है। सरकार का कहना है कि मौजूदा सिस्टम में सप्लाई चेन पूरी तरह सक्रिय है और उपभोक्ताओं को जरूरत के अनुसार ईंधन मिल रहा है।

मांग बढ़ने के पीछे क्या हैं कारण?

सरकारी अधिकारियों के अनुसार कुछ क्षेत्रों में ईंधन की मांग बढ़ने के पीछे दो प्रमुख कारण हैं। पहला, कृषि क्षेत्र में फसल कटाई का समय होने के कारण डीजल की खपत में वृद्धि। दूसरा, कुछ थोक उपभोक्ताओं का खुदरा पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदना। इन कारणों से कुछ इलाकों में पेट्रोल पंपों पर दबाव बढ़ा है, जिससे अस्थायी रूप से मांग अधिक दिखाई दे रही है।

कीमतों का अंतर भी बना कारण

थोक और खुदरा कीमतों में अंतर भी इस स्थिति को प्रभावित कर रहा है। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच लगभग 40 से 42 रुपये प्रति लीटर का अंतर है, जिसके चलते कुछ बड़े उपभोक्ता थोक चैनल की बजाय खुदरा पंपों से खरीदारी कर रहे हैं। इस बदलाव ने कुछ क्षेत्रों में ईंधन की मांग को असामान्य रूप से बढ़ा दिया है।

LPG उत्पादन और आपूर्ति पर कोई असर नहीं

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह स्थिर है। देश की रिफाइनरियां रोजाना लगभग 46,000 से 47,000 टन एलपीजी का उत्पादन कर रही हैं, जो घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। इसलिए रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर किसी तरह की चिंता की जरूरत नहीं है।

लोगों से घबराहट में खरीदारी से बचने की सलाह

मंत्रालय ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह या आशंका के आधार पर ईंधन की अनावश्यक खरीदारी न करें। सरकार का कहना है कि पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई सिस्टम सुचारू रूप से काम कर रहा है।

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