प्रधानमंत्री मोदी ने सभी मंत्रियों से कहा कि वे अपने-अपने मंत्रालयों में अनावश्यक खर्चों में कटौती सुनिश्चित करें। सरकार चाहती है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बीच संसाधनों का सही इस्तेमाल हो और फिजूलखर्ची पर रोक लगाई जाए। प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि आर्थिक मजबूती बनाए रखने के लिए हर विभाग को जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा।
संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ आगे बढ़े
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को संवेदनशील और सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और पश्चिम एशिया संकट का असर कई देशों पर पड़ सकता है। ऐसे समय में भारत को बेहद सोच-समझकर आगे बढ़ने की जरूरत है। सरकार का मुख्य फोकस अर्थव्यवस्था की रफ्तार बनाए रखने और सुधारों को तेजी से लागू करने पर रहेगा।
पांच देशों की यात्रा से मिले निवेश प्रस्ताव
मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रधानमंत्री की पांच देशों की यात्रा की उपलब्धियों की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि इस दौरे के दौरान भारत को करीब 40 अरब डॉलर के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे आने वाले समय में उद्योग, रोजगार और बुनियादी ढांचे को मजबूती मिल सकती है।
खुद उदाहरण पेश कर रहे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने और एक साल तक सोने की खरीद टालने की अपील की थी। इसी क्रम में उन्होंने अपने सुरक्षा काफिले में भी कटौती की। कैबिनेट बैठक में वे केवल दो गाड़ियों के साथ पहुंचे। इसके बाद कई केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी अपने सुरक्षा काफिले कम करने का फैसला लिया।
फाइलों में देरी पर भी सख्ती
बैठक में प्रधानमंत्री ने प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाना चाहिए और फैसले समय पर लिए जाने चाहिए। सरकार चाहती है कि मंत्रालयों में कामकाज अधिक सरल, तेज और परिणाम आधारित हो।
‘विकसित भारत 2047’ पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि “विकसित भारत 2047” केवल एक नारा नहीं बल्कि सरकार का लक्ष्य है। जिन मंत्रालयों का प्रदर्शन कमजोर रहा है, उन्हें सुधारात्मक कदम उठाने और अपने कामकाज को बेहतर बनाने की सलाह दी गई। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि वे सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएं। उन्होंने पिछले 12 वर्षों में सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों और योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।

0 comments:
Post a Comment