सभी जिलों से विकास प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों की स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास योजनाएं तैयार की जाएं और उन्हें एक सप्ताह के भीतर शासन को भेजा जाए। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जून के पहले सप्ताह में इन योजनाओं को मंजूरी दे दी जाएगी, जिससे काम तेजी से शुरू हो सके।
गुणवत्ता और समयबद्धता पर सख्त रुख
सीएम योगी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी विकास कार्य में गुणवत्ता, मानक और समय सीमा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्यों की जिम्मेदारी पूरी तरह विभागीय अधिकारियों की होगी, जबकि जनप्रतिनिधियों की भूमिका केवल भूमि पूजन और शिलान्यास तक सीमित रहेगी।
हर जिले में नोडल अधिकारी की नियुक्ति
सरकार ने यह भी तय किया है कि हर जिले में चल रही परियोजनाओं की निगरानी के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। यह अधिकारी नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करेगा और सुनिश्चित करेगा कि काम तय समय पर पूरा हो। इसके अलावा, लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि हर जिले में अलग-अलग टीम भेजकर कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया जाए।
कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, पुल और संपर्क मार्ग किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति की रीढ़ होते हैं। इन्हीं के माध्यम से व्यापार, रोजगार और सामाजिक विकास को गति मिलती है। इसलिए सभी क्षेत्रों में समान रूप से विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
आपदा प्रबंधन के लिए हेलीपैड निर्माण
सीएम योगी ने यह भी कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों जैसे प्राकृतिक आपदा या स्वास्थ्य संकट में हेलीपैड अत्यंत उपयोगी होते हैं। इसलिए हर ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय के पास हेलीपैड बनाए जाने चाहिए।
तकनीक और नवाचार पर फोकस
बदलती परिस्थितियों और ईंधन की उपलब्धता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों में नई तकनीकों को अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में सीसी रोड निर्माण को बढ़ावा देने और टिकाऊ सड़क तकनीक जैसे सीमेंट-ट्रीटेड बेस का उपयोग करने पर जोर दिया।
'सीएम ग्रिड' योजना की सराहना
नगर विकास विभाग की 'सीएम ग्रिड' योजना की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इसे और तेजी से लागू किया जाए, ताकि शहरों और कस्बों में बेहतर सड़क और कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सके।

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