शिक्षकों को मिलेगा आधुनिक डिजिटल प्रशिक्षण
इस नई व्यवस्था के तहत प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12वीं तक पढ़ाने वाले शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को नई तकनीक, डिजिटल शिक्षा प्रणाली और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से जोड़ना है, ताकि बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
इंफ्रास्ट्रक्चर से आगे बढ़ा शिक्षा सुधार
प्रदेश सरकार अब केवल स्कूल भवनों और आधारभूत सुविधाओं तक सीमित नहीं रहना चाहती। सरकार का फोकस अब शिक्षकों की क्षमता विकास और डिजिटल दक्षता को मजबूत करने पर है। माना जा रहा है कि जब शिक्षक तकनीकी रूप से दक्ष होंगे, तभी छात्रों की पढ़ाई और सीखने का स्तर भी बेहतर होगा।
ऑनलाइन नामांकन शुरू
निष्ठा प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए शिक्षकों का ऑनलाइन पंजीकरण 21 मई 2026 से शुरू हो चुका है। नामांकन की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 तय की गई है, जबकि सभी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम 15 सितंबर 2026 तक पूरे किए जाएंगे। सरकार ने इस कार्यक्रम को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
तीन स्तरों पर तैयार किया गया प्रशिक्षण मॉडल
शिक्षकों की जरूरत और पढ़ाई के स्तर को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण को तीन अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है।
ECCE श्रेणी: इसमें प्री-प्राइमरी से कक्षा 2 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों को प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा और बुनियादी सीखने की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
FLN श्रेणी: कक्षा 3 से 5 तक के शिक्षकों को भाषा और गणितीय दक्षता आधारित आधुनिक शिक्षण पद्धतियों की जानकारी दी जाएगी।
कक्षा 6 से 12 के शिक्षक: उच्च कक्षाओं के शिक्षकों को साइबर सुरक्षा, ई-वेस्ट, एक्शन रिसर्च और जल संरक्षण जैसे विषयों पर एडवांस कोर्स कराए जाएंगे।
दीक्षा पोर्टल से बढ़ेगी पारदर्शिता
सरकार ने इस पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम को दीक्षा पोर्टल के जरिए संचालित करने का फैसला किया है। इससे प्रशिक्षण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सकेगी। शिक्षक नई शिक्षा नीति, गतिविधि आधारित शिक्षण और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े विषयों को ऑनलाइन सीख सकेंगे।

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