यूपी में बिजली कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, 16 जिलों में छुट्टियां रद्द!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए बिजली विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने कई जिलों में बिजली कर्मचारियों और अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। विभाग का उद्देश्य बढ़ती बिजली मांग के दौरान उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

31 जुलाई तक रद्द रहेंगी छुट्टियां

बिजली विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अंतर्गत आने वाले 19 जिलों में कर्मचारियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई हैं। इतना ही नहीं, जो कर्मचारी पहले से अवकाश पर थे, उन्हें भी वापस ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं।

भीषण गर्मी के कारण फैसला

प्रदेश में इस समय तेज गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के कारण बिजली की खपत में भारी बढ़ोतरी हो रही है। कई जिलों में तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुका है। ऐसे में बिजली विभाग किसी भी तरह की लापरवाही से बचना चाहता है ताकि लोगों को बिजली कटौती की समस्या का सामना न करना पड़े।

इन जिलों में लागू हुआ आदेश

विभाग की ओर से जिन जिलों में छुट्टियां रद्द की गई हैं, उनमें लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, बहराइच, रायबरेली, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर, अमेठी, बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं और पीलीभीत शामिल हैं। इन सभी जिलों के मुख्य अभियंताओं को निर्देश जारी कर कर्मचारियों की छुट्टियां तत्काल समाप्त करने को कहा गया है। 

जरूरी होने पर ही मिलेगी छुट्टी

विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी को विशेष परिस्थितियों में छुट्टी की आवश्यकता होगी, तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा। उपखंड अधिकारी स्तर से लेकर अभियंताओं तक के अवकाश आवेदन अधिशासी अभियंता और मुख्य अभियंता के माध्यम से उच्च स्तर पर भेजे जाएंगे। अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही अवकाश स्वीकृत किया जाएगा।

बिना सूचना छुट्टी पर गए तो होगी कार्रवाई

बिजली विभाग ने चेतावनी दी है कि बिना अनुमति या सूचना के अवकाश पर जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि गर्मी के इस दौर में बिजली आपूर्ति बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

मध्यांचल विद्युत वितरण निगम का कहना है कि प्रदेश में लगातार बढ़ रही बिजली मांग को देखते हुए फील्ड स्तर पर कर्मचारियों की मौजूदगी जरूरी है। ट्रांसफॉर्मर खराब होने, लाइन फॉल्ट या ओवरलोडिंग जैसी समस्याओं का तुरंत समाधान करने के लिए कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

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