20 दिन में हटाना होगा अवैध कब्जा
मुख्य सचिव के निर्देश के अनुसार, एनएच के किनारे बने सभी अवैध ढांचे और कब्जों को 20 दिनों के भीतर हटाने का आदेश दिया गया है। अगर निर्धारित समय में लोग खुद अतिक्रमण नहीं हटाते हैं, तो जिला प्रशासन और हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स मिलकर उन्हें हटाने की कार्रवाई करेगी।
नए निर्माण पर पूरी तरह रोक
सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि अब राष्ट्रीय राजमार्गों के 'राइट ऑफ वे' क्षेत्र में किसी भी नए ढाबा, होटल या व्यावसायिक निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी। किसी भी नए निर्माण से पहले संबंधित विभाग एनएचएआई, पथ निर्माण विभाग या एनएच से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना अनिवार्य होगा।
सड़क सुरक्षा को लेकर कदम
सरकार के इस फैसले के पीछे मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है। हाल ही में देश के कुछ राज्यों में हाईवे पर अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के कारण गंभीर सड़क हादसे हुए थे, जिनमें कई लोगों की जान चली गई थी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद अब सभी राज्यों को हाईवे सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने को कहा गया है।
अवैध पार्किंग पर भी सख्ती
नई नीति के तहत अब पूरे बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी और व्यावसायिक वाहनों की अवैध पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े किए जा सकेंगे। नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
होटल और ढाबा संचालकों के लिए नए नियम
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन ढाबों या होटलों का प्रवेश सीधे हाईवे से जुड़ा है, उन्हें अब अपने खर्च पर वैकल्पिक सर्विस रोड या एंट्री-एग्जिट मार्ग बनाना होगा। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ नेशनल हाईवे एक्ट 2002 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

0 comments:
Post a Comment