इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर को बढ़ावा देने की योजना
सरकार चाहती है कि खेती में इलेक्ट्रिक तकनीक का उपयोग बढ़े, जिससे डीजल पर निर्भरता कम हो सके। इसी को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर निर्माता कंपनियों के साथ बातचीत की जा रही है, ताकि राज्य में ही उनके उत्पादन संयंत्र स्थापित किए जा सकें। इससे ट्रैक्टर की कीमत कम होगी और किसानों को स्थानीय स्तर पर आसानी से उपकरण उपलब्ध हो सकेंगे।
ट्रैक्टर का प्रदर्शन और क्षमता
हाल ही में एक 45 हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर का डेमो भी दिखाया गया, जिसमें इस ट्रैक्टर ने खेत की जुताई और रोटावेटर जैसे भारी काम सफलतापूर्वक किए। इससे किसानों के बीच जो यह आशंका थी कि इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर भारी काम नहीं कर पाएंगे, वह काफी हद तक दूर हुई है।
कीमत और सब्सिडी का गणित
जानकारी के अनुसार, 45 हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर की शुरुआती कीमत लगभग 15 लाख रुपये है। सरकार कंपनियों के साथ बातचीत कर इसकी कीमत को करीब 13 लाख रुपये तक लाने की कोशिश कर रही है। इसके बाद किसानों को 5 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी, जिससे वास्तविक लागत घटकर लगभग 8 लाख रुपये रह जाएगी।
पर्यावरण और आर्थिक लाभ
यह योजना न केवल किसानों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित होगी, बल्कि पर्यावरण के लिए भी लाभकारी होगी। इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर के उपयोग से डीजल की खपत कम होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी। साथ ही किसान अपने घर पर ही ट्रैक्टर की बैटरी चार्ज कर सकेंगे, जिससे ईंधन की चिंता भी खत्म हो जाएगी।
0 comments:
Post a Comment