अब हर महीने मिलेगी तय इनकम
नई व्यवस्था के तहत रिटायरमेंट के बाद एनपीएस खाताधारक अपनी जमा राशि को एक साथ निकालने के बजाय मासिक, त्रैमासिक या वार्षिक किस्तों में निकाल सकेंगे। यह व्यवस्था कुछ हद तक म्यूचुअल फंड के सिस्टमेटिक विड्रॉल प्लान (SWP) की तरह काम करेगी। इस बदलाव का उद्देश्य बुजुर्गों को रिटायरमेंट के बाद लगातार नकदी प्रवाह उपलब्ध कराना और उनकी आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करना है।
85 वर्ष की उम्र तक मिलेगा लाभ
पीएफआरडीए के अनुसार अब सदस्य अपनी बची हुई राशि को 85 वर्ष की आयु तक चरणबद्ध तरीके से निकाल सकते हैं। इससे रिटायरमेंट के तुरंत बाद पूरी रकम खत्म होने का खतरा कम होगा और लंबे समय तक नियमित आय बनी रहेगी।
क्या था पुराना नियम?
अब तक एनपीएस में रिटायरमेंट के समय सदस्य अपने कुल फंड का 60 प्रतिशत हिस्सा टैक्स-फ्री एकमुश्त निकाल सकते थे, जबकि कम से कम 40 प्रतिशत राशि से एन्युटी प्लान खरीदना जरूरी था, जिससे पेंशन मिलती थी। लेकिन नई व्यवस्था आने के बाद अब एकमुश्त निकासी वाले हिस्से को भी धीरे-धीरे किस्तों में लेने का विकल्प मिलेगा।
दो तरीकों से निकाल सकेंगे पैसा
पहला तरीका
पहले विकल्प में सदस्य की उम्र और चुनी गई समय सीमा के आधार पर सिस्टम यह तय करेगा कि हर महीने कितनी राशि दी जानी चाहिए। इससे लोगों को नियमित और संतुलित आय मिलती रहेगी।
दूसरा तरीका
दूसरे विकल्प में कुल जमा यूनिट्स को महीनों के हिसाब से बराबर-बराबर बांट दिया जाएगा। इससे हर महीने निश्चित रकम खाते में आती रहेगी।

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