छह जिलों को मिलाकर बनेगा बड़ा विकास क्षेत्र
इस योजना में लखनऊ के साथ-साथ सीतापुर, उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी और रायबरेली को शामिल किया गया है। कुल मिलाकर यह क्षेत्र लगभग 26 हजार वर्ग किलोमीटर में फैला होगा, जिसे एक सुनियोजित और आधुनिक विकास मॉडल के रूप में तैयार किया जा रहा है। इन जिलों को जोड़कर ऐसा ढांचा बनाने की कोशिश है, जिससे शहरी सुविधाएँ सिर्फ राजधानी तक सीमित न रहकर आसपास के क्षेत्रों तक भी पहुंच सकें।
29 बड़ी परियोजनाओं पर काम तेज
SCR के तहत लगभग 29 प्रमुख परियोजनाओं की पहचान की गई है। इनमें परिवहन, आवागमन, औद्योगिक विकास, पर्यटन और आधारभूत ढांचे से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं।
प्रशासनिक तैयारी और दिशा
लखनऊ विकास प्राधिकरण की ओर से बताया गया है कि परियोजना के लिए जीआईएस आधारित क्षेत्रीय महायोजना तैयार की जा रही है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी विभागों से सुझाव लेकर योजनाओं को अंतिम रूप देने पर जोर दिया गया है।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
स्टेट कैपिटल रीजन के गठन से कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। निवेश में बढ़ोतरी, नए उद्योग और रोजगार के अवसर, बेहतर कनेक्टिविटी और ट्रांसपोर्ट सिस्टम, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच विकास संतुलन, पलायन में कमी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती।
मुख्य फोकस निम्न क्षेत्रों पर है:
क्षेत्रीय सड़क नेटवर्क और हाई-स्पीड कॉरिडोर
एलिवेटेड और पेरिफेरल रोड का निर्माण
रेलवे और मेट्रो कनेक्टिविटी का विस्तार
औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक पार्कों का विकास
फूड प्रोसेसिंग और निवेश आधारित क्लस्टर
इसके साथ ही लखनऊ-कानपुर कॉरिडोर को भी विकास के एक प्रमुख मॉडल के रूप में जोड़ा जा रहा है।

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