सरकार का उद्देश्य निबंधन प्रक्रिया को सुरक्षित, भरोसेमंद और आम लोगों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाना है। इन नई व्यवस्थाओं के लागू होने के बाद जमीन से जुड़े विवाद कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को अब रजिस्ट्री कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
1 .रजिस्ट्री से पहले होगी जमीन की जांच
नई व्यवस्था के तहत अब कोई भी व्यक्ति जमीन की रजिस्ट्री कराने से पहले संबंधित अंचलाधिकारी (सीओ) से उसकी जांच करा सकेगा। इस प्रक्रिया में जमीन के स्वामित्व, रिकॉर्ड और विवाद की स्थिति की जानकारी दी जाएगी। यह सुविधा पूरी तरह वैकल्पिक रखी गई है। यानी जो लोग जांच कराना चाहेंगे, वे आवेदन देकर इसका लाभ उठा सकते हैं।
वहीं जो लोग पहले की तरह सामान्य प्रक्रिया से रजिस्ट्री कराना चाहते हैं, उनके लिए पुरानी व्यवस्था जारी रहेगी। अधिकारियों के अनुसार, आवेदन मिलने के बाद संबंधित सीओ को दस दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी होगी। यदि तय समय के भीतर रिपोर्ट नहीं आती है, तो जमीन को स्वतः सही मानते हुए आगे की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।
2 .80 वर्ष से अधिक बुजुर्गों को घर बैठे मिलेगी सेवा
सरकार ने बुजुर्गों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक और बड़ी पहल शुरू की है। अब 80 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों को जमीन निबंधन के लिए कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। निबंधन विभाग की मोबाइल यूनिट सीधे उनके घर पहुंचेगी और वहीं पूरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पहले यह सुविधा केवल गंभीर रूप से बीमार या असहाय लोगों तक सीमित थी, लेकिन अब सभी 80 प्लस बुजुर्ग इसका लाभ उठा सकेंगे।

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