1. खराब सिबिल स्कोर पर भी मिलेगा फसल लोन
सबसे बड़ी राहत यह दी गई है कि अब किसानों को फसल ऋण देने में सिबिल स्कोर बाधा नहीं बनेगा। आमतौर पर बैंक लोन मंजूर करने से पहले सिबिल स्कोर देखते हैं, लेकिन अब महाराष्ट्र में किसानों को इससे छूट देने का फैसला किया गया है। मुख्यमंत्री ने बैंकों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी किसान का क्रॉप लोन सिर्फ खराब सिबिल स्कोर के कारण रोका नहीं जाना चाहिए। इससे हजारों किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
2. 30 जून से पहले कर्ज माफी का भरोसा
सरकार ने कृषि ऋण माफी को लेकर भी बड़ा आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट स्तर पर चर्चा पूरी हो चुकी है और बाकी जिलों से आंकड़े मिलते ही 30 जून से पहले किसानों के कर्ज माफ करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस फैसले से आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।
3. खरीफ सीजन की तैयारी पर जोर
महाराष्ट्र में इस बार खरीफ फसलों का रकबा करीब 152 लाख हेक्टेयर रहने का अनुमान है। इसमें बड़ी हिस्सेदारी सोयाबीन और कपास की होगी। सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बीज, खाद और सिंचाई जैसी व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएं ताकि किसानों को बुवाई के दौरान परेशानी न हो।
4. खाद डीलरों पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने उर्वरक विक्रेताओं को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई डीलर किसानों को खाद के साथ जबरन दूसरा सामान खरीदने के लिए मजबूर करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को उचित दाम पर जरूरी खाद और कृषि सामग्री आसानी से उपलब्ध हो सके।
5. मानसून को लेकर अलर्ट
मौसम विभाग के शुरुआती अनुमान के अनुसार इस बार जून से सितंबर के बीच बारिश सामान्य से कम हो सकती है। इसे देखते हुए सरकार पहले से तैयारी में जुट गई है। जल संरक्षण, सिंचाई और खेती से जुड़ी वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर भी काम किया जा रहा है ताकि किसानों को कम बारिश की स्थिति में नुकसान कम हो।

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