बिहार में बिछेंगी 29 नई रेल लाइनें, नागरिकों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। रेलवे बोर्ड ने राज्य में 29 नई रेल लाइनों को मंजूरी दे दी है, जिससे आने वाले समय में रेल कनेक्टिविटी और बेहतर होने की उम्मीद है। इस फैसले को बिहार के यात्रियों, व्यापारियों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी माना जा रहा है।

किऊल-झाझा के बीच बनेगी तीसरी रेल लाइन

रेलवे बोर्ड की स्वीकृति के अनुसार किऊल और झाझा रेलवे स्टेशन के बीच लगभग 54 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन बिछाई जाएगी। यह परियोजना इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह हावड़ा-पटना-दिल्ली रेल रूट का अहम हिस्सा है। नई लाइन बनने के बाद ट्रेनों की आवाजाही और सुचारु हो सकेगी।

965 करोड़ रुपये होंगे खर्च

जानकारी के मुताबिक, किऊल-झाझा तीसरी रेल लाइन परियोजना पर करीब 965 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं पूरे प्रोजेक्ट के तहत राज्य में लगभग 1763.87 किलोमीटर लंबाई में नई रेल लाइनें बिछाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए रेलवे मंत्रालय ने प्रारंभिक इंजीनियरिंग और यातायात सर्वेक्षण कराने का आदेश जारी कर दिया है।

ग्रामीणों को फायदा

रेलवे बोर्ड ने सर्वे एजेंसियों को विशेष निर्देश दिए हैं कि परियोजना के दौरान अधिक से अधिक पिछड़े और दूरस्थ ग्रामीण इलाकों को जोड़ा जाए। सरकार का उद्देश्य केवल बड़े शहरों तक रेल सुविधा सीमित रखना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को भी मजबूत करना है। इससे गांवों में रहने वाले लोगों को यात्रा और व्यापार दोनों में सुविधा मिल सकती है।

शुरुआती बजट जारी

रेल मंत्रालय ने इस महा परियोजना के सर्वे कार्य के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट से फिलहाल 2.67 करोड़ रुपये जारी किए हैं। अधिकारियों के अनुसार जैसे-जैसे परियोजना आगे बढ़ेगी, मंत्रालय की ओर से अतिरिक्त धनराशि भी उपलब्ध कराई जाएगी।

व्यापार को बढ़ावा

नई रेल लाइनों के निर्माण से बिहार में व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। बेहतर रेल नेटवर्क से माल ढुलाई आसान होगी और उद्योगों को फायदा मिल सकता है। इसके अलावा निर्माण कार्यों के दौरान स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होने की संभावना है।

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