क्या है ई-रजिस्ट्री व्यवस्था?
नई ई-रजिस्ट्री प्रणाली के तहत प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद अपनी संपत्तियों की रजिस्ट्री स्वयं डिजिटल माध्यम से करेंगे। इसके लिए संबंधित संस्थाओं को लॉगिन आईडी और पासवर्ड उपलब्ध करा दिए गए हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य रजिस्ट्री प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और तेज बनाना है, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
कैसे होगा पूरा प्रोसेस?
नई व्यवस्था में रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी, लेकिन पक्षकारों की उपस्थिति संबंधित संस्था के कार्यालय में आवश्यक रहेगी। प्रत्येक संस्था में एक अधिकृत अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी संभालेगा। दस्तावेजों का प्रारूप ऑनलाइन स्वीकृत किया जाएगा और अंतिम प्रक्रिया संबंधित उप निबंधक द्वारा पूरी तरह डिजिटल रूप से संपन्न होगी।
ऑनलाइन भुगतान अनिवार्य
ई-रजिस्ट्री व्यवस्था में सभी भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किए जाएंगे। स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्रेशन शुल्क भी डिजिटल पेमेंट सिस्टम के जरिए जमा होंगे। इसके अलावा आधार आधारित ई-केवाईसी या अन्य वैध पहचान पत्रों के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा। बायोमेट्रिक सिस्टम, डिजिटल हस्ताक्षर और ऑनलाइन वेरिफिकेशन इस प्रक्रिया का अहम हिस्सा होंगे।
दस्तावेजों की सुरक्षा और वैधता
ई-रजिस्ट्री में तैयार होने वाले सभी दस्तावेज इलेक्ट्रॉनिक रूप से सुरक्षित रखे जाएंगे। ये दस्तावेज विभागीय पोर्टल पर संरक्षित होंगे और पूरी तरह कानूनी रूप से मान्य होंगे। डिजिटल रूप से पंजीकृत दस्तावेजों को वही कानूनी मान्यता प्राप्त होगी, जो पारंपरिक रजिस्ट्री प्रक्रिया में मिलती है।

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