फिटमेंट फैक्टर तय करेगा पूरी सैलरी स्ट्रक्चर
8वें वेतन आयोग में सैलरी बढ़ोतरी का सबसे अहम आधार फिटमेंट फैक्टर होगा। यही वह गुणांक है, जिसके आधार पर पुरानी बेसिक सैलरी को नई सैलरी में बदला जाएगा। कर्मचारी संगठन मांग कर रहे हैं 3.83 फिटमेंट फैक्टर की, लेकिन विशेषज्ञों का अनुमान 2.57 से 3.00 के बीच हैं। अगर मांग के अनुसार फिटमेंट फैक्टर 3.83 लागू होता है, तो ₹18,000 की न्यूनतम सैलरी बढ़कर लगभग ₹69,000 तक पहुंच सकती है।
फिटमेंट फैक्टर 2.57 (अनुमान)
लेवल 1: ₹46,260
लेवल 2: ₹51,143
लेवल 3: ₹55,769
लेवल 4: ₹65,535
लेवल 5: ₹75,044
लेवल 6: ₹90,978
लेवल 7: ₹1,15,393
लेवल 8: ₹1,22,332
लेवल 9: ₹1,36,467
लेवल 10: ₹1,44,177
फिटमेंट फैक्टर 3.00 (मध्यम अनुमान)
यह एक संतुलित और संभावित स्तर माना जा रहा है।
लेवल 1: ₹54,000
लेवल 2: ₹59,700
लेवल 3: ₹65,100
लेवल 4: ₹76,500
लेवल 5: ₹87,600
लेवल 6: ₹1,06,200
लेवल 7: ₹1,34,700
लेवल 8: ₹1,42,800
लेवल 9: ₹1,59,300
लेवल 10: ₹1,68,300
फिटमेंट फैक्टर 3.83 (कर्मचारी संगठनों की मांग)
अगर यह लागू होता है तो यह सबसे बड़ी बढ़ोतरी होगी।
लेवल 1: ₹69,000
लेवल 2: ₹76,217
लेवल 3: ₹83,111
लेवल 4: ₹97,665
लेवल 5: ₹1,11,836
लेवल 6: ₹1,35,582
लेवल 7: ₹1,71,967
लेवल 8: ₹1,82,308
लेवल 9: ₹2,03,373
लेवल 10: ₹2,14,863
इसमें सैलरी लगभग दोगुनी से ज्यादा हो सकती है।
हालांकि ये सभी बातें कर्मचारी संगठनों की मांग और अनुमान पर आधारित हैं, अंतिम फैसला सरकार के स्तर पर लिया जायेगा, जिसमे कई बातों का ध्यान रखा जायेगा।

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